13 मई की आंधी के बाद से गुल है बिजली, महादेवपुर कलां के ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन बिजली बहाल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, बसपा युवा नेता शैलेश कुमार ने जिलाधिकारी से की हस्तक

13 मई की आंधी के बाद से गुल है बिजली, महादेवपुर कलां के ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन
बिजली बहाल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, बसपा युवा नेता शैलेश कुमार ने जिलाधिकारी से की हस्तक्षेप की मांग


चकिया, चंदौली। चकिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत महादेवपुर कलां में 13 मई को आए तेज आंधी-तूफान के बाद से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कई दिनों से बिजली न आने के कारण परेशान ग्रामीणों ने गांव में धरना-प्रदर्शन कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।


ग्रामीणों का कहना है कि आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बावजूद अब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। भीषण गर्मी में बिजली न होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी की समस्या, मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।


धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों ने कहा कि विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य दिखाई नहीं दे रहा।


इस दौरान बसपा युवा नेता शैलेश कुमार ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि महादेवपुर कलां में जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। उन्होंने कहा कि लगातार बिजली बाधित रहने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। प्रमुख रूप से अनिल पाल, जयप्रकाश, राकेश पाल, धर्मेंद्र, यशवंत, महेंद्र, सदाफल, पतालू, राजन खरवार, रंजीत, मंगरु खरवार, पंचू, तेतरी, कविता, कंचन, सीमा, रामपति, निर्मला, धीरज, राहुल, रिंकू पासवान, अशोक, सोना, सुभाष पाल, सनी, सूरज, चंदन, चंद्रशेखर, हीरा, सूरज पाल, रमेश पाल, जयप्रकाश पाल, उदल बाड़ू और कमलेश पासवान सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल कर गांववासियों को राहत पहुंचाई जाए, ताकि लोगों को गर्मी और अंधेरे की समस्या से निजात मिल सके।