लुधियाना रेलवे स्टेशन पर आपदा प्रबंधन को लेकर हुई मॉक ड्रिल, रेलकर्मियों ने दिखाई मुस्तैदी

लुधियाना। फिरोजपुर मंडल के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी रोहित वर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार को एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों की तत्परता, समन्वय और कार्यक्षमता का आकलन करना था।मॉक ड्रिल लुधियाना यार्ड में एनडीआरएफ टीम के साथ संयुक्त रूप से आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान ऐसा परिदृश्य तैयार किया गया जिसमें सेना विशेष रेक की शंटिंग के समय एक कोच की टक्कर अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पर आए भारी सड़क वाहन से हो जाती है। टक्कर के बाद कोच पटरी से उतर जाता है और उसमें आग लग जाती है, जिससे उसमें मौजूद 20 से 25 मेंटेनेंस कर्मचारी अंदर फंस जाते हैं।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। अमृतसर से SPARMV एवं ART को राहत कार्य के लिए रवाना किया गया। एनडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की मदद से संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद करीब 40 मिनट के भीतर क्षतिग्रस्त कोच को दोबारा पटरी पर चढ़ाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया।रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटना, आगजनी अथवा अन्य आपदाओं के दौरान रेलवे के विभिन्न विभागों एवं राज्य सरकार की एजेंसियों जैसे फायर ब्रिगेड, स्थानीय अस्पताल और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि राहत एवं बहाली कार्य तेजी और दक्षता के साथ पूरे किए जा सकें।इस संयुक्त अभ्यास में एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन बठिंडा और 14वीं बटालियन जसूर (नूरपुर) ने सक्रिय भागीदारी निभाई। एनडीआरएफ की टीम ने डिप्टी कमांडेंट पंकज शर्मा के नेतृत्व में मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया।मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य रेलकर्मियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखना है। उन्होंने बताया कि आपदा के समय प्रशासन को तत्काल सूचना देना, मेडिकल एवं पैरामेडिकल टीम को सक्रिय करना, घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना तथा राहत कार्यों को तेजी से संचालित करना रेलकर्मियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।इस दौरान वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता भूपेंद्र, सहायक संरक्षा अधिकारी बली राम, सहायक अभियंता लुधियाना मनोज कुमार मीणा, स्टेशन निर्देशक आदित्य मेहरा सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।