डीआरएम ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्यों में तेजी व गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश

पुरानी पहचान, नया अंदाज? अमृत भारत योजना से बदल रहा जालोर रेलवे स्टेशन

डीआरएम ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्यों में तेजी व गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश

जोधपुर। समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड स्थित करीब 97 वर्ष पुराने जालोर रेलवे स्टेशन की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का व्यापक स्तर पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सकेगा। मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी ने जालोर स्टेशन पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रेलवे के अनुसार वर्ष 1929 में निर्मित जालोर स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 18.74 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने जोधपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।

नया स्टेशन भवन लगभग तैयार

डीआरएम ने बताया कि स्टेशन पर नया भवन लगभग तैयार हो चुका है। पत्थर एलिवेशन, पेंटिंग व फिनिशिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं बुकिंग काउंटर को भी नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, वीआईपी कक्ष, रिटायरिंग रूम एवं डॉर्मिटरी भी तैयार कर ली गई है।

यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने प्लेटफॉर्म पर पेयजल व्यवस्था, विद्युत प्रणाली, सुरक्षा प्रबंध, प्रकाश व्यवस्था तथा सर्कुलेटिंग एरिया में पार्किंग सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। स्टेशन परिसर में प्रवेश एवं निकास द्वार तथा बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं शौचालय ब्लॉक में सेनेटरी फिटिंग्स व जल कक्ष से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं।

फुट ओवर ब्रिज निर्माण कार्य भी जारी

यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया में पत्थर कॉपिंग, पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप व विशेष शौचालय, प्लेटफॉर्म शेल्टर, पेयजल बूथ, कोच डिस्प्ले बोर्ड, बेहतर साइनेज तथा आधुनिक फर्नीचर जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

राजस्थानी संस्कृति की झलक भी रहेगी बरकरार

रेलवे द्वारा स्टेशन को स्थानीय राजस्थानी संस्कृति एवं पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान बनी रहे और यात्रियों को एक विशेष अनुभव मिल सके।

अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) मनोहर सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (पश्चिम) तरुण बीका, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (लाइन) ललित कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (सिग्नल एवं दूरसंचार) अनुपम कुमार, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर महेंद्र कुमार मीणा, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (कर्षण) हरीश शर्मा तथा वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी रामनिवास जाट सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, सुपरवाइजर एवं निरीक्षक उपस्थित रहे।

रेल प्रशासन का कहना है कि पुनर्विकास कार्य पूर्ण होने के बाद जालोर स्टेशन यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ ?शाही अनुभव? प्रदान करेगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।