नवजातों की जान बचाने के लिए मुरादाबाद में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, डॉक्टरों व नर्सों को दिया गया प्रैक्टिकल डेमो

मुरादाबाद। जनपद में नवजात शिशुओं की सुरक्षा एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार दिनांक 10 मई को नवजात पुनर्जीवन कार्यक्रम (Neo Natal Resuscitation) के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में प्रातः 10 बजे से विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में जनपद के सभी ब्लॉकों के लेबर रूम में प्रसव कराने वाली महिला चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, ब्लॉक स्वास्थ्य इकाइयों में संचालित नवजात स्थिरीकरण इकाई (NBSU) में कार्यरत स्टाफ नर्स तथा Sick Newborn Care Unit (SNCU) के बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण पांडे एवं सना द्वारा नवजात शिशुओं की गंभीर स्थिति में त्वरित उपचार एवं जीवनरक्षक उपायों के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही समय से पहले जन्मे (प्री-मैच्योर) शिशुओं को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया को प्रैक्टिकल तरीके से समझाया गया और उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को अभ्यास भी कराया गया।

इस अवसर पर जिला कार्य प्रबंधक रघुबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम है, जिसे बढ़ाने के लिए लेबर रूम में तैनात स्टाफ नर्सों का व्यवहार मधुर, सहयोगात्मक और संवेदनशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेहतर सेवा गुणवत्ता मिलने पर महिलाएं अन्य गर्भवती महिलाओं को भी सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करेंगी, जिससे संस्थागत प्रसवों की संख्या बढ़ेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं पर विशेष निगरानी रखते हुए प्रसव के दौरान पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को स्वल्पाहार कराया गया तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजीव बेलवाल के निर्देशन में कार्यक्रम का समापन किया गया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम करने और जनपद में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।