भीषण गर्मी में मानवता की मिसाल: सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड (उमरे) ने शुरू की नि:शुल्क प्याऊ सेवा

प्रयागराज। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों और राहगीरों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा जनसेवा के संकल्प के साथ नि:शुल्क शीतल पेयजल (प्याऊ) सेवा का शुभारंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से ब्रिगेड ने समाज सेवा और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

यह सेवा कार्य डॉ. एस. एस. नायक, डिवीजन कमांडर मेडिकल एवं अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक के मार्गदर्शन एवं सहयोग से प्रारंभ किया गया। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार बड़े मटकों (प्रत्येक 40 लीटर क्षमता) के माध्यम से ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। प्याऊ सेवा को केंद्रीय चिकित्सालय के मुख्य गेट के पास सड़क किनारे तथा प्लेटफार्म नंबर 6 पर मंदिर जाने वाले मार्ग के पास स्थापित किया गया है।

प्याऊ सेवा का उद्घाटन एंबुलेंस अधिकारी उदय चंद मौर्य, राजीव सिंह, रतन कुमार, मंडल सचिव आलोक कुमार वर्मा एवं अनूप कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर राहगीरों को मिष्ठान वितरित कर उन्हें शीतल जल पिलाया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय चिकित्सालय के कमेटी हॉल में एक विशेष संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में श्री दिनेश कुमार (पूर्व डिवीजनल कमांडर प्रशासन एवं सहायक वाणिज्यिक प्रबंधक) तथा श्री एम. एच. अंसारी (पूर्व डिवीजन कमांडर प्रशासन एवं मंडल वित्त प्रबंधक) उपस्थित रहे। उन्होंने ब्रिगेड सदस्यों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई और संदेश दिया कि ?जल ही जीवन है, इसे व्यर्थ न बहाएं और आवश्यकता अनुसार ही उपयोग करें।?

इस सेवा अभियान में ब्रिगेड के लगभग 40 सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में अमित कुमार मौर्य, विजय प्रकाश राम, राम किंकर मिश्रा, महेश कुमार, चंद्र प्रकाश यादव, संतोष सिंह, सौरभ पटेल वर्मा, दुखन्ती प्रसाद, सतपाल सिंह, तेज बहादुर यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इसके साथ ही सेवानिवृत्त अधिकारियों मोहिबुल्लाह, पवन कुमार यादव, सतीश चंद्र, विजय कुमार एवं अनिल कुमार गुप्ता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सदस्यों का उत्साहवर्धन किया।

सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड का यह प्रयास केवल प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, संवेदनशीलता और समाज सेवा की भावना का प्रतीक है। यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि ?मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।?