दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा, 44 स्टेशनों पर 87 एटीवीएम स्थापित

बिलासपुर,यात्रियों को आधुनिक, तेज़ और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप रेलवे द्वारा डिजिटल टिकटिंग एवं कैशलेस सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को टिकट लेने में अधिक सुविधा और समय की बचत हो रही है।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि अनारक्षित टिकट को बिना लाइन में लगे शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) की सुविधा तेजी से बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर कुल 87 एटीवीएम मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।

इनमें बिलासपुर मंडल के 13 स्टेशनों पर 32 मशीनें, रायपुर मंडल के 12 स्टेशनों पर 26 मशीनें और नागपुर मंडल के 19 स्टेशनों पर 29 एटीवीएम मशीनें कार्यरत हैं।

रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए निकट भविष्य में 38 अतिरिक्त एटीवीएम मशीनें लगाने की योजना भी बनाई है। इनमें बिलासपुर मंडल में 12, रायपुर मंडल में 16 और नागपुर मंडल में 10 नई मशीनें शामिल होंगी। इससे स्व-टिकटिंग प्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में और अधिक आसानी होगी।

रेलवे के अनुसार डिजिटल लेन-देन को लेकर यात्रियों की स्वीकृति लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) के करीब 42 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं। वहीं अनारक्षित टिकटिंग (UTS एवं एटीवीएम) में 34 प्रतिशत भुगतान डिजिटल रूप से किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त रेलवे के पार्सल कार्यालयों में 100 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जा चुका है, जबकि टिकट जांच से होने वाली आय का भी 26 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल माध्यम से संग्रहित किया जा रहा है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से टिकटिंग सेवाओं में तेजी आई है और नकद लेन-देन पर निर्भरता कम हुई है। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और यात्रियों के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही यह पहल पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक सेवाएं देने के लिए रेलवे पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में डिजिटल तकनीक के माध्यम से सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।