इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट कर दिया है कि शादी-विवाह, बच्चे के जन्म या अन्य शुभ अवसरों पर किन्नर समुदाय द्वारा “नेग” या बधाई के नाम पर जबरन पैसे मांगना कोई कान

🚨 बड़ी खबर | शादी- विवाह में किन्नरों द्वारा जबरन पैसे मांगना अवैध, हाईकोर्ट का सख्त फैसला

लखनऊ/प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट कर दिया है कि शादी-विवाह, बच्चे के जन्म या अन्य शुभ अवसरों पर किन्नर समुदाय द्वारा ?नेग? या बधाई के नाम पर जबरन पैसे मांगना कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

अदालत ने कहा कि भारत के कानून में किसी भी व्यक्ति या समूह को बिना कानूनी आधार के किसी से धन वसूलने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति दबाव, डर या मजबूरी बनाकर पैसे लेता है, तो यह जबरन वसूली (Extortion) की श्रेणी में आ सकता है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि भले ही ?बधाई? देने की परंपरा समाज में लंबे समय से चली आ रही हो, लेकिन परंपरा के नाम पर किसी पर दबाव डालना या पैसे लेना कानूनन स्वीकार्य नहीं है।

इस मामले में किन्नर समुदाय की उस याचिका को खारिज कर दिया गया, जिसमें शादी-ब्याह और अन्य मौकों पर बधाई लेने के लिए इलाका तय करने और अधिकार देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि ऐसा कोई भी अधिकार कानून में मान्य नहीं है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अलग कानून मौजूद हैं, लेकिन उनमें भी इस तरह की वसूली को वैधता नहीं दी गई है।

👉 मुख्य बिंदु.........

नेग मांगना कानूनी अधिकार नहीं

जबरन पैसे लेना अपराध हो सकता है

परंपरा के नाम पर दबाव नहीं चलेगा

इलाका तय करने की मांग खारिज
इस फैसले को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है, वहीं यह भी कहा गया कि किन्नर समुदाय को सम्मान और बराबरी का अधिकार है, लेकिन कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है।