अहमदाबाद मंडल के चार रेलकर्मियों को मिला ‘मैन ऑफ द मन्थ’ संरक्षा पुरस्कार

अहमदाबाद मंडल के चार रेलकर्मियों को मिला 'मैन ऑफ द मन्थ' संरक्षा पुरस्कार

महाप्रबंधक पश्चिम रेलवे ने उत्कृष्ट सतर्कता और सुरक्षित परिचालन के लिए किया सम्मानित

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने अहमदाबाद मंडल के चार कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य, सतर्कता एवं सुरक्षित ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए 'मैन ऑफ द मन्थ' (फरवरी-2026) संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उन कर्मचारियों को दिया गया जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण सतर्कता दिखाकर संभावित दुर्घटनाओं को टालने में अहम भूमिका निभाई।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से न केवल ट्रेन संचालन सुरक्षित रहा बल्कि रेलवे संपत्ति की संभावित हानि भी रोकी जा सकी।

सम्मानित कर्मचारियों का विवरण इस प्रकार है

प्रभाष कुमार यादव (वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर गुड्स)

प्रभाष कुमार यादव ने ड्यूटी के दौरान दो अलग-अलग अवसरों पर उच्च सतर्कता का परिचय दिया। एक मामले में उन्होंने कंटेनर का लॉक गायब पाया, जबकि दूसरे मामले में वैगन के पहिये के जाम होने और ब्रेक सिलेंडर की खराब स्थिति को समय रहते चिन्हित किया। उनकी त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना और नुकसान को रोका जा सका।

सुबोध कुमार (पॉइंट्समैन भीमासर)

सुबोध कुमार ने गुजरती ट्रेन के एक वैगन में हैंगिंग पार्ट (सेफ्टी रॉड) देखा। उन्होंने तुरंत लाल संकेत देकर ट्रेन रुकवाने की प्रक्रिया शुरू की और स्टेशन मास्टर को सूचना दी। समय रहते तकनीकी दोष को ठीक कर ट्रेन का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया गया। उनकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।

दीपक कुमार एस. (फिटर-I गांधीधाम)

दीपक कुमार एस. ने रोलिंग एग्जामिनेशन के दौरान वैगनों में गंभीर तकनीकी खामियों जैसे ग्रीस सील का खिसकना और CTRB कप का टूटना समय रहते पहचाना। उन्होंने पहले भी इसी प्रकार की असामान्यताओं को पकड़कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की थी। उनकी सूक्ष्म जांच और सजगता रेलवे सुरक्षा के उच्च मानकों को दर्शाती है।

दीपक कुमार (ट्रैक मेंटेनर-IV)

दीपक कुमार ने ड्यूटी के दौरान यह पाया कि एक ट्रेन निर्धारित 20 किमी/घंटा की गति सीमा से अधिक गति से चल रही थी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए लाल झंडा दिखाकर ट्रेन को रोका। उनकी सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण संभावित खतरे को टालना संभव हुआ।

रेलवे ने की सराहना

पश्चिम रेलवे प्रशासन ने कहा कि इन चारों कर्मचारियों की सतर्कता, तत्परता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली भारतीय रेलवे की संरक्षा संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाती है। रेलवे को अपने इन कर्मठ कर्मचारियों पर गर्व है।