विश्व धरोहर दिवस पर जोधपुर में सजी रियासती रेलवे विरासत की प्रदर्शनी

विश्व धरोहर दिवस पर जोधपुर में सजी रियासती रेलवे विरासत की प्रदर्शनी

नई पीढ़ी ने देखी भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत की झलक, मॉडल बने आकर्षण का केंद्र

जोधपुर। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल स्थित कैरेज वर्कशॉप में शनिवार को एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी केवल रेलवे मॉडल्स का प्रदर्शन नहीं रही, बल्कि भारतीय रेल के गौरवशाली इतिहास और रियासती कालीन रेलवे विरासत की जीवंत झलक बनकर सामने आई।

मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीणा ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रदर्शनी में विशेष रूप से रियासती काल में विकसित रेलवे से जुड़े मॉडल्स को प्रदर्शित किया गया। इन मॉडल्स के माध्यम से दर्शकों को उस दौर की यात्रा कराई गई, जब मारवाड़ क्षेत्र में रेलवे केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बनी थी।

प्रदर्शनी में स्टीम इंजनों, पुरानी बोगियों और स्टेशन संरचनाओं के मॉडल्स ने उस समय की तकनीकी दक्षता और स्थापत्य कला को उजागर किया। इन मॉडलों ने यह दर्शाया कि उस युग के लोकोमोटिव न केवल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण थे, बल्कि औद्योगिक क्रांति के प्रतीक भी माने जाते थे।

बॉम्ब शैल बना विशेष आकर्षण

प्रदर्शनी में वर्ष 1942 के द्वितीय विश्व युद्ध काल से जुड़ा बॉम्ब शैल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बताया गया कि युद्ध के दौरान कार्यशाला में आवश्यकता अनुसार बॉम्ब शैल और अन्य सैन्य उपकरणों का निर्माण किया गया था। इस ऐतिहासिक योगदान को दर्शाने के लिए एक विस्तृत शिलालेख भी प्रदर्शनी में रखा गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा।

आधुनिक रेल यात्रा की भी झलक

प्रदर्शनी में आईसीएफ स्लीपर कोच, कंटेनर वैगन, टैंक, वुडेन स्लीपर कोच, स्टीम लोकोमोटिव मॉडल और सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस के मॉडल भी प्रमुख आकर्षण बने। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने रेलवे के ऐतिहासिक से आधुनिक सफर को करीब से महसूस किया।

नई पीढ़ी को अतीत से जोड़ने का प्रयास

मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीणा ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह समझाना रहा कि आज की आधुनिक रेलवे जिन सुविधाओं और तकनीकों के साथ कार्य कर रही है, उसकी नींव इन्हीं ऐतिहासिक प्रयासों पर आधारित है। यह आयोजन न केवल विरासत को संजोने का प्रयास रहा, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा देने का भी माध्यम बना।