*टिकरापारा में पेयजल संकट, बूंद-बूंद पानी के लिए मचा हाहाकार* 

2 साल पहले बनी पानी टंकी अब तक बंद, जिम्मेदारों पर ग्रामीणों का गुस्सा

चारामा: जनपद पंचायत चारामा अंतर्गत ग्राम टिकरापारा में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत ?हर घर जल? योजना के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी आज तक उपयोग में नहीं लाई जा सकी है, जिससे ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार झगरु राम पासवान द्वारा करीब दो वर्ष पूर्व पानी टंकी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया था। बोरवेल की स्थापना भी सफलतापूर्वक हो चुकी है और बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध है। इसके बावजूद आज तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
ग्राम निवासी काशीराम जैन ने बताया कि तकनीकी रूप से कोई बाधा नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है। जब इस संबंध में पीएचई विभाग के मैकेनिक रिपोर्ट इंजीनियर राकेश साहू से बात की गई तो उन्होंने सिविल विभाग के इंजीनियर प्रकाश कुमेटी से संपर्क करने की बात कही। वहीं, प्रकाश कुमेटी ने ठेकेदार से संपर्क करने को कहा। इस तरह जिम्मेदारों के बीच जवाबदेही टलती रही।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीओ कांकेर जितेंद्र हिरकने द्वारा फोन तक रिसीव नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
टिकरापारा गोंड समाज के सुरेंद्र कुमार शोरी ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और हैंडपंप पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम में जल संकट और अधिक गंभीर हो जाता है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि पानी टंकी को तत्काल चालू किया जाए
अधूरे कार्य को पूर्ण कराया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए ग्रामीणों ने कहा है कि यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं जिला प्रशासन की होगी।