मां वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर खच्चरों के गोबर से बायोगैस उत्पादन: स्वच्छता और हरित ऊर्जा का उदाहरण

कटड़ा। मां वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर पर्यावरण संरक्षण और तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक अनोखी पहल की है। यहां खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार किया जा रहा है, जिससे सफाई बनाए रखने के साथ-साथ हरित ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिला है।

बाणगंगा स्थित चेतक भवन परिसर में 2012 में स्थापित इस बायोगैस प्लांट में प्रतिदिन लगभग 4,000 किलो गोबर से 700 से 750 किलो गैस का उत्पादन होता है। इस गैस का उपयोग कटड़ा के गुलशन लंगर में किया जाता है, जहां हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है। लंगर को यह गैस 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाती है, जिससे सामाजिक सेवा और सतत विकास दोनों को बल मिलता है।

श्राइन बोर्ड के #CEO सचिन कुमार वैश्य ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक प्रेरक मॉडल है। उन्होंने बताया कि इस पहल से न केवल कचरा प्रबंधन में मदद मिल रही है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव भी कम हो रहा है।

स्थानीय निवासी और श्रद्धालु इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे अन्य धार्मिक संस्थानों के लिए प्रेरणा स्रोत मानते हैं। श्राइन बोर्ड ने भविष्य में ऐसी और परियोजनाओं को लागू करने की योजना बनाई है, ताकि यात्रा मार्ग और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल बना रहे।