ऊर्जा, नवाचार और हरित पहल से सशक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे,143 नए लोको, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा और एआई ड्रोन तकनीक से रची प्रगति की नई गाथा

ऊर्जा, नवाचार और हरित पहल से सशक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

143 नए लोको, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा और एआई ड्रोन तकनीक से रची प्रगति की नई गाथा

बिलासपुर। देश के माल परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस प्रगति में रेलवे के विद्युत विभाग की भूमिका अत्यंत अहम रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने हरित ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में कई रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल कर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की क्षमता और विश्वसनीयता को और मजबूत किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 143 नए विद्युत लोकोमोटिव का सफल कमीशनिंग किया गया। इनमें 74 लोको इलेक्ट्रिक लोको शेड भिलाई और 69 लोको इलेक्ट्रिक लोको शेड बिलासपुर में शामिल हैं। यह एक वित्तीय वर्ष में अब तक की सर्वाधिक उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही रेलवे के कुल लोकोमोटिव बेड़े की संख्या 721 से बढ़कर 805 हो गई है, जो 11.65 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।

मालगाड़ियों के संचालन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। मालगाड़ियों के लिए औसत मासिक लोको उपलब्धता 665.02 रही, जो रेलवे बोर्ड के निर्धारित लक्ष्य 651 से अधिक है। इससे माल परिवहन की गति और कार्यक्षमता में मजबूती आई है।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में रेलवे ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 2,263.625 किलोवाट पीक क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित कर उन्हें चालू किया। इससे रेलवे परिसंपत्तियों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल रही है।

तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में रायपुर मंडल ने भारतीय रेल में पहली बार एआई-सक्षम ड्रोन के जरिए ओवरहेड उपकरण (OHE) की निगरानी शुरू की है। यह अत्याधुनिक तकनीक हाई वोल्टेज तारों का सुरक्षित एवं सटीक निरीक्षण कर संभावित खामियों की पहचान करती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटती है और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

विद्युत अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 211.45 ट्रैक किलोमीटर निक्को संपर्क तार और 173.44 ट्रैक किलोमीटर एल्युमिनियम कैटेनरी तार का प्रतिस्थापन किया गया। साथ ही सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए 44 नए ऑटो-ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित किए गए हैं।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के तहत पीपी यार्ड, कैरिज एंड वैगन डिपो एक्सचेंज यार्ड भिलाई तथा कैरिज एंड वैगन डिपो डब्ल्यूआरसी/बीएमवाई को ISO 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह विभाग की गुणवत्ता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रमाण है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग बेहतर लोको क्षमता, हरित ऊर्जा और स्मार्ट तकनीकों के माध्यम से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रेलवे संचालन को नई गति और ऊर्जा प्रदान कर रहा है।