प्रयागराज मंडल के स्टेशनों पर UTS टिकट फ्रॉड रोकने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन, स्टाफ को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

प्रयागराज। प्रयागराज मंडल में UTS टिकटों में होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग हरिमोहन के निर्देशन में मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर नियमित रूप से कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं में टिकट चेकिंग स्टाफ और बुकिंग स्टाफ को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि UTS टिकटों में होने वाले फर्जीवाड़े की पहचान और रोकथाम प्रभावी ढंग से की जा सके।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य अनारक्षित टिकट प्रणाली (UTS) में सामने आ रहे फ्रॉड मामलों को रोकना और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। टिकट जांच व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। टिकट चेकिंग कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अनारक्षित कोचों में सघन जांच सुनिश्चित करें और स्टेशन के सभी निकास द्वारों पर 100 प्रतिशत टिकट संग्रह करें। साथ ही प्रतिदिन टिकट कलेक्शन रजिस्टर (TCR) को अपडेट रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

कार्यशालाओं में ATVM और मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी टिकटों की विशेष निगरानी करने तथा किसी भी संदिग्ध टिकट के मिलने पर तुरंत मंडल नियंत्रण कक्ष को सूचना देने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही CRIS द्वारा विकसित TTE ऐप को सभी टिकट चेकिंग कर्मचारियों के मोबाइल फोन और हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT) में अनिवार्य रूप से इंस्टॉल कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे टिकट सत्यापन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

फर्जी टिकटों की पहचान के लिए कर्मचारियों को UTS नंबर, स्टॉक नंबर, रैंडम नंबर, टिकट की गुणवत्ता, फॉर्मेट, फॉन्ट और QR कोड सत्यापन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे टिकट जांच प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा और यात्रियों के साथ होने वाली धोखाधड़ी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।

बुकिंग स्टाफ को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नॉन-इश्यू रजिस्टर और रद्द किए गए टिकटों की नियमित समीक्षा करें तथा अनावश्यक नॉन-इश्यू टिकटों को न्यूनतम रखने के लिए सतर्कता बरतें। बार-बार नॉन-इश्यू टिकट जारी करने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण देकर UTS टिकट फ्रॉड रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय सेवा प्रदान की जा सके।

प्रयागराज मंडल द्वारा अब तक प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, सूबेदारगंज, फफूंद और अलीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशनों पर कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग हरिमोहन ने बताया कि आने वाले दिनों में मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।