CSMT पर ‘पंजाब मेल ट्रेन महोत्सव’ का भव्य आयोजन, ऐतिहासिक विरासत को किया गया नमन

मुंबई। भारतीय रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक ट्रेनों में शामिल पंजाब मेल (ट्रेन संख्या 12137/12138) की गौरवशाली यात्रा और विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से सेंट्रल रेलवे द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर 30 मार्च 2026 को ?पंजाब मेल ट्रेन महोत्सव? का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यात्रियों, रेलवे अधिकारियों, रेल प्रेमियों और आम नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर एकत्र हुए और पंजाब मेल के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए इस आयोजन का हिस्सा बने।

रेलवे द्वारा बताया गया कि महोत्सव की शुरुआत पंजाब मेल के निर्धारित प्रस्थान समय रात्रि 19:35 बजे से करीब एक घंटे पहले की गई। इस दौरान ट्रेन को आकर्षक हेरिटेज थीम के अनुसार सजाया गया। कोचों पर विशेष डिजाइनों और दृश्य सजावट के माध्यम से पंजाब मेल की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया गया। स्टेशन पर मौजूद लोगों के लिए पंजाब मेल की गौरवगाथा पर आधारित एक विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसमें इस ट्रेन की लंबी यात्रा, इसकी ऐतिहासिक भूमिका और भारतीय रेलवे के विकास में इसके योगदान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर पंजाब मेल के कोचों में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार भी किए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच के अंदरूनी हिस्से में बेहतर और प्रीमियम लुक के लिए विनाइल रैपिंग की गई है। वहीं फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी संयुक्त कोच तथा पैंट्री कार के बाहरी हिस्से पर भी हेरिटेज थीम आधारित ब्रांडिंग की गई है, जिससे ट्रेन का स्वरूप और अधिक आकर्षक बन गया है। कोचों के डिजाइनों में पंजाब मेल की 1912 की ऐतिहासिक विरासत, महाराष्ट्र और पंजाब के सांस्कृतिक संबंध तथा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े पहलुओं को भी विशेष रूप से दर्शाया गया है। इसके साथ ही ट्रेन में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, गेटवे ऑफ इंडिया और स्वर्ण मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थलों की छवियों को भी शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को एक अलग सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त हो सके।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एसी कोचों के अंदर वॉटरप्रूफ कैनवास प्रिंट लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन के भीतर एक संग्रहालय जैसी अनुभूति होती है। यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए सभी एसी कोचों में नए पर्दे लगाए गए हैं। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऑटो एयर फ्रेशनर, सीट कवर डिस्पेंसर, साबुन डिस्पेंसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, वहीं बाथरूम फिटिंग्स, पीवीसी फ्लोरिंग तथा अन्य आवश्यक सुधार कार्य भी किए गए हैं। ट्रेन के गैंगवे, दरवाजों और शौचालयों में भी टिकाऊपन और सुंदरता बढ़ाने के लिए विनाइल रैपिंग की गई है। इसके अलावा कोचों में एकरूपता लाने के लिए हेरिटेज थीम आधारित साइन बोर्ड लगाए गए हैं और फिटिंग्स पर पेंट टच-अप कर ट्रेन को बेहतर फिनिशिंग दी गई है।

रेलवे प्रशासन ने पंजाब मेल की ऐतिहासिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ट्रेन भारतीय रेलवे की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है। इसे पहले ?पंजाब लिमिटेड? के नाम से जाना जाता था और यह प्रसिद्ध फ्रंटियर मेल से भी लगभग 16 वर्ष पुरानी है। पंजाब मेल ने अपनी पहली यात्रा 1 जून 1912 को बल्लार्ड पियर मोल स्टेशन से प्रारंभ की थी, जो उस समय ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR) की सेवाओं का प्रमुख केंद्र माना जाता था। दशकों से यह ट्रेन मुंबई को उत्तर भारत से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी रही है और यात्रियों के लिए आज भी भरोसेमंद सेवा के रूप में पहचानी जाती है।

सेंट्रल रेलवे ने कहा कि पंजाब मेल केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की जीवंत विरासत है, जिसने पीढ़ियों से लोगों, क्षेत्रों और संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य किया है। इस ट्रेन के निरंतर उन्नयन और आधुनिकीकरण के माध्यम से रेलवे परंपरा और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन बनाए रखते हुए यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस आयोजन में सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, मुंबई मंडल रेल प्रबंधक हिरेश मीणा, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता सुबोध कुमार सागर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, मुख्यालय एवं मुंबई मंडल के कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, रेल प्रशंसक तथा यात्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पंजाब मेल की ऐतिहासिक पहचान को सराहा और इसे भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर बताया।