श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कटरा से भवन की ओर जाने वाली यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

कटरा। चैत्र नवरात्रि के दौरान श्री माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने से यात्रा व्यवस्था पर भारी दबाव बन गया। हालात को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कटरा से भवन की ओर जाने वाली यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसके साथ ही नए पंजीकरण और यात्रा पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम तक करीब 45 हजार से अधिक श्रद्धालु कटरा पहुंच चुके थे। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण कटरा आधार शिविर और यात्रा मार्ग पर व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। भीड़ बढ़ने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।

श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने कटरा पहुंचे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और अपने होटल, धर्मशाला या ठहरने की जगह पर ही रुकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु जल्दबाजी में भवन की ओर बढ़ने का प्रयास न करें, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति न बने। पुलिस एवं श्राइन बोर्ड के कर्मचारी लगातार अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को स्थिति की जानकारी दे रहे हैं और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं।

प्रशासन ने बताया कि यह रोक ज्यादा समय के लिए नहीं है। स्थिति सामान्य होने पर रविवार सुबह से यात्रा को फिर से शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नए RFID कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी दोबारा बहाल कर दी जाएगी। RFID कार्ड के माध्यम से ही श्रद्धालुओं को भवन की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। श्राइन बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि भीड़ को नियंत्रित कर व्यवस्था सुचारु होते ही दर्शन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सुरक्षित रूप से माता के दर्शन कर सकें।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की अधिक संख्या के कारण यात्रा पर रोक लगाई गई हो। इससे पहले भी 21 मार्च को एक ही दिन में करीब 39 हजार श्रद्धालुओं के कटरा पहुंचने से हालात बिगड़ गए थे, जिसके बाद यात्रा रोककर पंजीकरण बंद कर दिया गया था। स्थिति सामान्य होने के बाद 23 मार्च को सुबह करीब चार बजे से पंजीकरण और यात्रा फिर शुरू की गई थी।

श्राइन बोर्ड के अनुसार चैत्र नवरात्रि के कारण हर वर्ष वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। इस बार भी 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चले पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। पिछले कुछ दिनों में ही करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में भक्त अभी भी कटरा पहुंच रहे हैं। त्रिकुटा पहाड़ियों पर लगातार गूंज रहे ?जय माता दी? के जयकारे श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को दर्शा रहे हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और श्राइन बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यात्रा दोबारा शुरू होने की सूचना आधिकारिक माध्यमों से दी जाएगी।