मदार कोचिंग डिपो ने व्हील टायर टर्निंग में रचा रिकॉर्ड, आधुनिक तकनीक से बढ़ी कार्यक्षमता

अजमेर। भारतीय रेल के अजमेर मंडल स्थित मदार कोचिंग डिपो ने तकनीकी आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डिपो में स्थापित अत्याधुनिक सीएनसी अंडर फ्लोर व्हील लेथ मशीन की मदद से चालू वित्त वर्ष में अब तक रिकॉर्ड 156 कोचों के व्हील टायर टर्निंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बताया कि इस आधुनिक मशीन की स्थापना के बाद अब कोचों के पहियों को टर्निंग के लिए अजमेर कारखाना भेजने की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो गई है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि परिवहन लागत में भी भारी कमी आई है।

उन्होंने बताया कि अब डिपो स्तर पर ही पहियों की टर्निंग होने से कोच कम समय में ?फिट? होकर संचालन के लिए उपलब्ध हो जाते हैं। इससे डिपो की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कोचों के टर्न-अराउंड समय में कमी आने और उनकी उपलब्धता बढ़ने से ट्रेनों का संचालन और अधिक सुचारू एवं प्रभावी हुआ है, जिसका सकारात्मक असर रेलवे के राजस्व पर भी पड़ रहा है।

सीएनसी अंडर फ्लोर व्हील लेथ मशीन एक अत्याधुनिक और स्वचालित तकनीक है, जो लोकोमोटिव, कोच और वैगनों के पहियों की प्रोफाइलिंग एवं री-प्रोफाइलिंग बिना बोगी से अलग किए सीधे ट्रैक पर ही करती है। यह मशीन घिसे हुए पहियों को सटीक आकार देकर उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

इस उपलब्धि से मदार कोचिंग डिपो ने न केवल अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है, बल्कि रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम भी बढ़ाया है।