विश्व जल दिवस पर वाटरएड इंडिया द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन

फतेहपुर। विश्व जल दिवस के अवसर पर वाटरएड इंडिया द्वारा होटल भूमि में जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल उपलब्धता तथा स्वच्छता विषयक एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।संगोष्ठी की शुरुआत करते हुए वाटरएड के जिला समन्वयक आदित्य मिश्र ने संस्था द्वारा जिले में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वाटरएड विगत कई वर्षों से फतेहपुर जनपद में जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्भरण तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा कई तालाबों का पुनरुद्धार कराया गया है तथा समुदाय स्तर पर वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए कुओं के माध्यम से संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वाटरएड वर्तमान में जिले की 13 पंचायतों में जल संरक्षण एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर संचालित कर रहा है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत राज अधिकारी राम शंकर वर्मा ने जल संरक्षण के साथ-साथ ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ जल की उपलब्धता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब समुदाय स्वयं कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वीकार करे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।संगोष्ठी में जिला परियोजना अधिकारी ज्ञान तिवारी, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक विश्वनाथ तिवारी, जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक राजमुनि यादव, सामाजिक कार्यकर्ता स्वाति अवस्थी तथा प्रवीण पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने तालाबों और नदियों पर बढ़ते अवैध कब्जों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।कार्यक्रम के समापन सत्र में राजेन्द्र साहू ने जिले में जल संसाधनों के संरक्षण तथा जल जीवन मिशन की योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक निगरानी और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।संगोष्ठी में विवेकानंद ,दयाली प्रसाद, पंकज कुमार, कृष्ण कुमार, राजकुमारी , मनीषा सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों और प्रयासों को साझा किया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुँचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।