वीरांगना रानी अवंती बाई की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाई

कासगंज। जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस एडवोकेट ने शुक्रवार को अपने कार्यालय पर अधिवक्ता साथियों के साथ 1857 क्रांति की नायिका महान वीरांगना रानी अवंती बाई की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाई। इस अवसर पर गोष्ठी का आयोजन कर उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया और चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान भारतीय वीरांगना और शहीद थीं। उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ तलवार उठा ली थी। अंग्रेजों द्वारा रामगढ़ पर कब्जा करने के प्रयास के विरोध में उन्होंने युद्ध छेड़ दिया था। रानी ने अपनी मातृभूमि के लिए वीरता से लड़ते हुए 20 मार्च 1858 को आत्मसमर्पण के बजाय वीरगति को चुना। मात्र 26 वर्ष की आयु में देश के लिए शहीद होने वाली अवंती बाई भारतीय इतिहास की प्रथम महिला शहीद वीरांगनाओं में से एक मानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सृष्टि रहेगी, उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

इस मौके पर शशिकांत पचौरी, चूड़ामणि, प्रेम सिंह, आदित्य मिश्रा, सुनील असावा, यशवीर सिंह यादव, शिव प्रताप सिंह राठौर, संदीप यादव, गुलाब सिंह, अरविंद कुमार यादव, संजीव कुमार, रामेश्वर, धारा सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।