बढ़ारी बैस में महाशिवरात्रि पर धूमधाम: स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन के साथ भव्य दंगल और जवाबी कीर्तन

कासगंज। जनपद कासगंज की तहसील कासगंज के ग्राम बढ़ारी बैस में सदियों पुराना स्वयंभू प्रकट शिवलिंग स्थित है, जिसकी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई कामना अवश्य पूरी होती है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गांव में हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य दंगल का आयोजन किया गया, जिसमें कई जिलों के नामी पहलवानों ने हिस्सा लिया।

रविवार को महाशिवरात्रि पर ग्रामवासियों द्वारा शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक दंगल का आयोजन हुआ। दंगल में हाथरस, मथुरा, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज सहित आसपास के जिलों से पहलवान पहुंचे। इनमें उदल असोली, शिवम दुहाई, पवन एटा, अरविंद हाथरस, वीरेश अक्षौली, मुकुल फिरोजाबाद, बद्धन दुहाई, अभिषेक मथुरा, केशव एटा, अनूप सिरपुर, अरुण नगरी, कप्तान श्यामपुर पारसी, मरेरा पवन एटा, सूरज मिरहची, सचिन सिकंदरा राऊ, अनुज त्रिलोकपुर, बृजेश निधौली खुर्द, शिवम मारहरा, जावेद हाथरस, अफसर मथुरा, सचिन सिकंदरा राव, दुर्गेश हाथरस, अमन मथुरा आदि प्रमुख रहे।

दंगल में कई जोरदार कुश्तियां देखने को मिलीं। दूसरे नंबर की कुश्ती पहलवान भोला हाथरस और राम मथुरा के बीच हुई, जो बराबरी पर समाप्त हुई। आखिरी और निर्णायक कुश्ती पहलवान सुखवीर सिंह परसरा तथा अजीत कुमारपुर के बीच लड़ी गई, जो भी बराबर रही। दोनों पहलवानों में पुरस्कार राशि आधा-आधा बांट दी गई।

आखिरी कुश्ती के बाद गांव के मूल निवासी एवं प्रतिष्ठित अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने दोनों पहलवानों का हाथ मिलवाया और उनका परिचय कराया। इस मौके पर गांव के चेतेंद्र सिंह एडवोकेट, खूब सिंह, पप्पू आदि मौजूद रहे।
दंगल आयोजन समिति में अवध किशोर शर्मा, रतेंद्र सिंह, महावीर सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन सिंह, अजय कुमार सिंह, यतेंद्र सिंह आदि ग्रामवासी शामिल थे। रेफरी की भूमिका संजय कुमार संजू और योगेश कुमार बैस ने निभाई।

दंगल के बाद रात्रि में जवाबी कीर्तन का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें हाथरस और गाजियाबाद की प्रसिद्ध जवाबी कीर्तन टीमों ने भक्ति रस बिखेरा। जवाबी कीर्तन के आयोजक अवध किशोर शर्मा, चंद्रभान सिंह बैस, चेतेंद्र सिंह एडवोकेट, महेंद्र सिंह, मोहन सिंह आदि रहे।

वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने दंगल एवं जवाबी कीर्तन आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी ग्रामवासियों, पहलवानों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गांव की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक एकता का प्रतीक है।