मतुआ मेले में सियालदह मंडल की उत्कृष्ट सेवा, लाखों श्रद्धालुओं को मिली सुगम यात्रा सुविधा

मतुआ मेले में सियालदह मंडल की उत्कृष्ट सेवा, लाखों श्रद्धालुओं को मिली सुगम यात्रा सुविधा

कोलकाता। ठाकुरनगर में आयोजित होने वाला मतुआ धार्मिक मेला मतुआ समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अनूठा उत्सव है। 1860 के दशक में शुरू हुए इस धार्मिक सुधार आंदोलन से जुड़ा यह मेला हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जो यहां पवित्र स्नान और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

इस वर्ष पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने मेले के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाते हुए यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराईं। सुव्यवस्थित योजना और प्रभावी समन्वय के जरिए मंडल ने भारी भीड़ के बावजूद यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाए रखा।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा विशेष इंतजाम किए गए। कुल 5 अतिरिक्त मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें और 28 अतिरिक्त ईएमयू सेवाएं चलाई गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3.5 गुना अधिक थीं। साथ ही उपनगरीय ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाकर करीब 60 हजार यात्रियों के लिए समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित की गई।

ठाकुरनगर रेलवे स्टेशन पर विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए आसान टिकटिंग व्यवस्था की गई। आधुनिक हैंडहेल्ड उपकरणों के माध्यम से यात्रियों को त्वरित सेवा दी गई, जिससे लंबी कतारों से राहत मिली।

सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से भी व्यापक इंतजाम किए गए। स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई, जिससे रात के समय भी यात्रियों को कोई परेशानी न हो। मजबूत सुरक्षा प्रबंधों के साथ निरंतर निगरानी रखी गई, वहीं आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किए गए।

सियालदह मंडल की इन व्यवस्थाओं को श्रद्धालुओं ने सराहा और इसे एक सफल एवं यादगार आयोजन बताया। मंडल प्रशासन ने भी अपनी टीम के समर्पण और समन्वित प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।