72 घंटे में सुलझा 3.95 लाख के सिग्नल केबल चोरी का मामला, खरीदार गिरफ्तार

जोधपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बाड़मेर में रेलवे के सिग्नल केबल चोरी के मामले का महज 72 घंटे में खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में चोरी हुआ पूरा सामान बरामद कर लिया गया है और चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) नीतीश शर्मा ने बताया कि 11 मार्च को बाड़मेर स्थित रेलवे टेलीकॉम एक्सचेंज परिसर से लगभग 1700 मीटर सिग्नल केबल चोरी होने की सूचना मिली थी, जिसकी कीमत करीब 3.95 लाख रुपये आंकी गई। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर मामले की जांच शुरू कर दी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और आरपीएफ भगत की कोठी के निरीक्षक मदन लाल भाटी तथा बाड़मेर वृत के रमेश चंद मीणा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान गवाहों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि चोर चोरी किया गया केबल एक ईको वैन में भरकर ले गए थे।

घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के बावजूद टीम ने आसपास के घरों और दुकानों में लगे 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा बाड़मेर पुलिस के सहयोग से अभय कमांड सेंटर के ट्रैफिक कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांची गई। इन फुटेज के आधार पर संदिग्ध वैन के पूरे रूट की मैपिंग कर उसका पता लगाया गया।

लगातार जांच के बाद 13 मार्च को उस स्थान का पता लगा लिया गया, जहां चोरी का सामान एक खरीदार को बेचकर रखा गया था। इसके बाद आरपीएफ टीम ने रात में उस परिसर की निगरानी की और 14 मार्च को बाड़मेर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापा मारकर चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया।

कार्रवाई के दौरान चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

डीआरएम ने की पुरस्कार की घोषणा

आरपीएफ की इस सफलता पर जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने जांच दल की सराहना करते हुए टीम के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी सख्ती से जारी रखा जाएगा।