पश्चिम रेलवे का गैर-किराया राजस्व दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

Western Railway ने गैर-किराया स्रोतों से अपनी आय बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह पहल Prime Minister's Office द्वारा भारतीय रेल के गैर-किराया राजस्व को बढ़ाने के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। इसके तहत पश्चिम रेलवे अपनी वाणिज्यिक परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और नई सुविधाओं के माध्यम से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक तरुण जैन ने गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा के लिए पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकों के साथ एक उच्चस्तरीय विचार-मंथन बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान तरुण जैन ने कहा कि यात्रियों को मूल्यवर्धित और आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करना पश्चिम रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि डिजिटल लाउंज और मिनी मॉल जैसी पहल की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि यात्री अब आधुनिक तकनीक आधारित और बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाओं की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर-किराया राजस्व को दोगुना कर पश्चिम रेलवे अपनी वाणिज्यिक परिसंपत्तियों की आय क्षमता को नए दृष्टिकोण से विकसित करना चाहता है।

चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी 2026 तक पश्चिम रेलवे ने गैर-किराया राजस्व के रूप में लगभग 117 करोड़ रुपये अर्जित किए हैं, जिससे यह जोन बेहतर प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोनों में शामिल हो गया है। भारतीय रेल के गैर-किराया राजस्व को 750 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 239.24 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है।

तरुण जैन ने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए Mumbai Central स्थित डिजिटल लाउंज, Ratlam Railway Station पर स्थापित मिनी मॉल तथा Ahmedabad में विकसित वातानुकूलित डिजिटल लाउंज जैसी सफल पहलों को अन्य स्थानों पर भी दोहराया जाएगा। इन पहलों को यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है और इन्हें व्यापक सराहना भी मिली है।

उन्होंने आगे कहा कि समय की मांग है कि पारंपरिक विज्ञापन के दायरे से आगे बढ़कर नए और नवोन्मेषी तरीके अपनाए जाएँ। इसी दिशा में पश्चिम रेलवे पर उपयुक्त स्थानों की पहचान कर ब्रांडेड कियोस्क और अनुभव क्षेत्र विकसित करना, परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग कर उनका मुद्रीकरण करना, अधिक यात्री आवागमन वाले स्टेशनों पर डिजिटल विज्ञापन का विस्तार करना तथा रेलवे स्टेशनों को सजीव वाणिज्यिक केंद्र के रूप में विकसित करना जैसी योजनाओं पर भी चर्चा की गई।