कायाकल्प की ओर वटवा स्टेशन: पुनर्विकास कार्य तीव्र गति से जारी

कायाकल्प की ओर वटवा स्टेशन: पुनर्विकास कार्य तीव्र गति से जारी

वटवा रेलवे स्टेशन का बदला स्वरूप: नया स्टेशन भवन, 40 फीट चौड़ा FOB और लिफ्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

वटवा में बनेगा मेगा कोचिंग टर्मिनल, अहमदाबाद मण्डल से 150 से अधिक ट्रेनों का संचालन होगा संभव

पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद मंडल यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी विजन के अंतर्गत, 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत वटवा रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। लगभग ₹33.64 करोड़ की अनुमानित लागत से किए जा रहे इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य स्टेशन को न केवल एक परिवहन केंद्र बनाना है, बल्कि इसे शहर के एक आधुनिक 'सिटी सेंटर' के रूप में विकसित करना है।

इसके साथ ही वटवा में लगभग 3 किलोमीटर लंबे मेगा कोचिंग टर्मिनल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके निर्माण से अहमदाबाद क्षेत्र में ट्रेन संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा भविष्य में कई नई ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 20 नई परीक्षण (एक्ज़ामिनेशन) लाइनों तथा 40 से अधिक स्टेबलिंग लाइनों का निर्माण किया जाएगा। कुल मिलाकर लगभग 100 लाइनों का विशाल कोचिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा, जो देश के सबसे बड़े टर्मिनलों में से एक होगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का डीपीआर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण), अहमदाबाद द्वारा तैयार कराया जा रहा है। यह परियोजना न केवल रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और यात्री सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

मुख्य विकास कार्य: एक नई पहचान

स्टेशन के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए निम्नलिखित कार्य संपन्न किए जा रहे हैं:

नया स्टेशन भवन: लगभग 6,469 वर्गफुट क्षेत्र में एक भव्य और आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण किया गया है। जिससे टिकटिंग, पूछताछ एवं अन्य यात्री सेवाएँ अधिक सुचारु रूप से उपलब्ध होंगी।

विशाल सर्कुलेटिंग एरिया एवं पार्किंग: यातायात की भीड़भाड़ को नियंत्रित करने हेतु 2,19,584 वर्गफुट के विशाल क्षेत्र में पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया गया है। इससे निजी और सार्वजनिक वाहनों के आवागमन में सुगमता आएगी।

कवर शेड एवं कैनोपी: यात्रियों को प्रतिकूल मौसम (धूप एवं वर्षा) से बचाने के लिए 13,627 वर्गफुट की कैनोपी और प्लेटफॉर्मों पर 13,164 वर्गफुट क्षेत्र में कवर शेड का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

आरामदायक प्रतीक्षा कक्ष: यात्रियों के लिए 926 वर्गफुट में अत्याधुनिक वेटिंग हॉल बनाया गया है, जहाँ बैठने की उत्तम व्यवस्था होगी।

प्लेटफॉर्म सुदृढ़ीकरण: लगभग 12,056 वर्गफुट क्षेत्र में प्लेटफॉर्म सरफेसिंग का कार्य किया गया है, जिससे यात्रियों को चलने-फिरने में आसानी होगी।

द्वितीय प्रवेश द्वार (Second Entry): यात्रियों की सुविधा के लिए 2,583 वर्गफुट क्षेत्र में द्वितीय प्रवेश द्वार का विकास किया गया है।

स्वच्छता एवं जल व्यवस्था: प्लेटफॉर्मों पर 4 नए आधुनिक शौचालय ब्लॉक और स्वच्छ पेयजल हेतु नए वाटर बूथ बनाए जा रहे हैं।

स्टेशन को पूरी तरह बाधारहित (Barrier-free) बनाने के लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य चल रहा है:

विशाल फुट ओवर ब्रिज (FOB): यात्रियों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए 40 फीट चौड़ा एक नया फुट ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। यह ब्रिज न केवल प्लेटफॉर्मों को जोड़ेगा, बल्कि स्टेशन के दोनों छोरों के बीच सुगम आवाजाही भी सुनिश्चित करेगा।

समावेशी सुविधा (लिफ्ट और दिव्यांगजन सुविधा): प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट की स्थापना का कार्य अंतिम चरणों में है। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी।

वटवा रेलवे स्टेशन के इस पुनर्विकास से न केवल रेलवे के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि यह स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगा। कार्यों के पूर्ण होने पर स्टेशन का स्वरूप एक आधुनिक, व्यवस्थित और स्वच्छ दिखाई देगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, वटवा क्षेत्र से यात्रा करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को एक अधिक सुरक्षित, गरिमापूर्ण और सुखद यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।