1108 कुण्डीय यज्ञ स्थल पर राम कथा में गूंजा सीता स्वयंवर प्रसंग, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

फिरोजाबाद। शहर में आयोजित 1108 कुण्डीय महायज्ञ के तहत चल रही श्रीराम कथा में सोमवार को कथा वाचक मनोज अवस्थी ने भगवान श्रीराम के सीता स्वयंवर प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान राम द्वारा शिव धनुष भंग कर माता सीता का वरण करने की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

कथा वाचक ने बताया कि मिथिला नगरी में आयोजित स्वयंवर में अनेक राजाओं और वीरों ने भगवान शिव के धनुष को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी उसे हिला तक नहीं सका। अंततः भगवान राम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से सहज भाव से धनुष उठाकर उसे भंग कर दिया, जिसके बाद माता सीता ने भगवान राम को वरमाला पहनाई। इस प्रसंग को सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
राम कथा के दौरान कथा वाचक ने भगवान राम के आदर्श चरित्र, मर्यादा और धर्म के पालन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन मानव समाज को सत्य, त्याग और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है।
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने भक्ति भाव के साथ कथा श्रवण किया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि राम कथा और यज्ञ कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।