मुरादाबाद। अग्निशमन विभाग होली पर अलर्ट सीएफओ डॉ आर के पाण्डेय ने जारी किए, आदेश:, देखिए........

मुरादाबाद। अग्निशमन विभाग में होली को लेकर एडीजी फायर पद्मजा चौहान के आदेश से जिलाधिकारी व एसएसपी के निर्देश में सीएफओ डॉ आर के पाण्डेय ने सभी फायर स्टेशन के अधिकारी और फायर कर्मी सीएफओ कार्यालय में उपस्थिति हुए और साथ ही सीएफओ ने मीटिंग में कहा कि यूपी के एडीजी फायर पद्मजा चौहान के आदेश जारी किए गए हैं यह संदेश सोमवार को सीएफओ डॉ आर के पाण्डेय ने मीटिंग में जारी किए। मीटिंग में मुरादाबाद अग्निशमन अधिकारी ज्ञान प्रकाश शर्मा,एफएसएसओ मोहित कुमार के साथ सभी फायर ब्रिगेड के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

होलिका/होली पर्व पर अग्निसुरक्षा व जीवरक्षा सम्बन्धी बचाव / सावधानियां...

होलिका दहन स्थल, विधुत तारों, टेलिफोन तारो अथवा किसी दूरसंचार तारों इत्यादि के नीचे किसी भी दशा में नहीं होना चाहिये। होलिका दहन स्थल की न्यूनतम दूरी इन सब से 15 मीटर से कम नही होनी चाहिये। होलिका दहन स्थल किसी भी पैट्रोल पम्प, गैस एजेंसी, आतिशबाजी विक्रय/भण्डारण स्थल तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थो के भण्डारण/विक्रय स्थलो से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर ही स्थापित किये जाने चाहिये।

होलिका दहन स्थल किसी भी दशा में हाईराइज भवनो के निकट स्थापित न किये जाये वरन इन स्थलों का चयन किसी भी प्रकार के आवासीय भवनों से कम से कम 15 मीटर की दूरी पर किया जाना चाहिये। दहन स्थल किसी भी दशा में औद्योगिक प्रतिष्ठानो, अस्पतालो, बाजारो, वाणिज्य स्थलो इत्यादि से न्यूनतम 50 मीटर की दूरी से कम स्थापित नही होने चाहिये।

होलिका दहन स्थल किसी भी दशा में तहखानों अथवा छतों पर नही होना चाहिये वरन् होलिका दहन स्थल केवल और केवल भूतल पर ही स्थापित किये जाने चाहिये। होलिका दहन स्थल, रेलवे लाइन के 100 मीटर दायरे के अन्तर्गत किसी भी दशा में नही स्थापित किये जाने चाहिए।

होलिका दहन स्थल पर ड्रमो में पानी तथा सूखे बालू रेत की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिये ताकि आपात स्थिति में इसका प्रयोग अवश्य किया जा सके।

कृपया होलिका दहन, कार्यक्रम आयोजको के निकट पर्यवेक्षण में सम्पन्न कराया जाना चाहिये तथा आयोजक गण अथवा उनके प्रतिनिधि होलिका की ज्वाला पूर्ण शान्त होने तक स्थल पर ही बने रहने चाहिये। होलिका दहन स्थल छोडने से पूर्व आपके द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जाये की होलिका दहन की आग पूर्ण रूप से शान्त हो गई है तथा उसमें किसी भी प्रकार की कोई चिंगारी शेष नहीं है।