दक्ष 2026 का भव्य शुभारंभ, विद्यार्थियों की प्रतिभा को मिलेगा नया मंच

-मंगलायतनविश्वविद्यालय मेंअकादमिकवार्षिक उत्सव की धूम

इगलास।मंगलायतनविश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार कोबहुप्रतीक्षितअकादमिकवार्षिकोत्सव?दक्ष2026?का भव्य शुभारंभहर्षोल्लासऔर गरिमामय वातावरण में संपन्नहुआ।मां सरस्वती केसम्मुखदीपप्रज्वलनके साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभहुआ।सरस्वती वंदना, राष्ट्रगान तथा दक्ष गीत की प्रस्तुति ने पूरे प्रांगण को उत्साह से सराबोर करदिया।इस अवसर पर कुलपति, कुलसचिव एवंडीनअकादमिकका विधिवत अभिनंदन कियागया।अतिथियों का स्वागत डा. पूनम रानी एवं प्रो.दीपशिखासक्सेना नेकिया।उद्घाटन सत्र के पश्चात विभिन्न साहित्यिक एवंअकादमिकप्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों नेउत्साहपूर्वकभागलिया।पूरे परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिल रहाहै।

कुलपति प्रो. पीकेदशोराने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दक्ष जैसे आयोजन युवा शक्ति को अपनी क्षमताओं को पहचानने, संवारने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सशक्त मंच प्रदान करतेहैं।उन्होंने कहा कि दक्ष का शुभारंभ इस उद्देश्य से किया गया है कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी प्रविष्टि कराई है, वे अपनी प्रतिभा औरदक्षताका श्रेष्ठ प्रदर्शन करसकें।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच केवल कौशल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं में निरंतरउन्नयनलाने के लिए प्रेरित करताहै।प्रतिवर्ष कार्यक्रमों मेंनवीनताऔर गुणवत्ता का समावेश किया जा रहा है, विद्यार्थियों की भागीदारी में निरंतर वृद्धि देखने को मिलतीहै।कुलपति ने विद्यार्थियों से उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ सक्रिय सहभागिता करने का आह्वानकिया।

कुलसचिव ब्रिगेडियर डा.समरवीरसिंह ने अपनेप्रेरकसंबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवलपुस्तकीयज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों केसर्वांगीणविकास से जुड़ा होताहै।कक्षा में प्राप्तसैद्धांतिकज्ञान तभी सार्थक बनता है, जब उसे व्यवहारिक गतिविधियों और रचनात्मक मंचों के माध्यम से अभिव्यक्ति का अवसर मिलताहै।इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं और उन्हें एक जिम्मेदार, सक्षम तथा जागरूक नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करतेहैं।

सर्वप्रथमडीनअकादमिकप्रो.अम्बरीशशर्मा द्वारा दक्ष उत्सव के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालागया।उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और बहुआयामी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यमहै।दक्ष जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर प्रदान करतेहैं।इसके साथ ही परीक्षानियंत्रकप्रो. दिनेश शर्मा,डीनरिसर्च प्रो. रविकांत,डीनएफएचप्रो. राजीव शर्मा, वित्त अधिकारी मनोज गुप्ता,प्राशासनिकअधिकारी गोपाल राजपूत आदि ने शुभकामनाएंप्रेषितकी।संचालन एंजेला फातिमा नेकिया।एमयूएससीके अध्यक्षअनन्यवार्ष्णेयके धन्यवादज्ञापनप्रस्तुतकिया।