पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने अहमदाबाद मंडल के दो कर्मचारियों को संरक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने अहमदाबाद मंडल के दो कर्मचारियों को संरक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (प्रभारी)प्रदीप कुमार ने पश्चिम रेलवे मुख्यालय, मुंबई में आयोजित समारोह में अहमदाबाद मंडल के दो कर्मचारियों को रेल संरक्षा में उत्कृष्ट कार्य, सतर्कता एवं सुरक्षित ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ?मैन ऑफ द मंथ? (जनवरी?2025) संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। इन कर्मचारियों की सजगता एवं त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटनाएँ टलीं तथा रेल संपत्ति और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित हुई।

रवि प्रकाश शर्मा, पॉइंट्समैन ? कटोसन रोड

दिनांक 19.01.2026 को रवि प्रकाश शर्मा, पॉइंट्समैन कटोसन रोड स्टेशन पर एल.सी. संख्या 29 पर ड्यूटी पर कार्यरत थे। गाड़ी संख्या IFFCO/MB एल.सी. संख्या 29 से गुजर रही थी। ?ऑल राइट? सिग्नल मिलाते समय उन्होंने देखा कि ब्रेकवान से नौवें वैगन में एक हैंगिंग पार्ट बाहर लटका हुआ है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तत्काल खतरे का लाल संकेत प्रदर्शित किया तथा ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर को सूचित किया। स्टेशन मास्टर ने लोको पायलट से संपर्क कर गाड़ी को पुनः कटोसन रोड स्टेशन पर रुकवाया। जांच के दौरान वैगन में हैंगिंग पार्ट पाया गया, जिसे सुरक्षित रूप से बांध दिया गया। इसके उपरांत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

चंद्रपाल सिंह, टेक्नीशियन ग्रेड-II, टीआरडी डिपो ? महेसाणा

दिनांक 10.01.2026 को चंद्रपाल सिंह, टेक्नीशियन ग्रेड-II, टीआरडी डिपो महेसाना द्वारा आंबलियासन?जगुदन खंड के मध्य ओएचई सेक्शन की फुट पेट्रोलिंग के दौरान कैटेनरी वायर ड्रॉपर क्लिप का बोल्ट ढीला पाया गया, जो किसी भी समय खुल सकता था। यदि समय रहते इस दोष की पहचान नहीं की जाती, तो पैंटोग्राफ के उलझने से ओएचई में गंभीर खराबी उत्पन्न हो सकती थी, जिससे रेल यातायात बाधित होने के साथ-साथ गंभीर सुरक्षा जोखिम भी उत्पन्न हो सकता था। श्री चंद्रपाल सिंह द्वारा समय पर दोष की पहचान एवं सुधारात्मक कार्रवाई से एक बड़ी तकनीकी खराबी एवं संभावित दुर्घटना को टाल दिया गया।

पश्चिम रेलवे को अपने ऐसे कर्तव्यनिष्ठ एवं सजग कर्मचारियों पर गर्व है, जो यात्रियों की सुरक्षा एवं रेल संचालन की विश्वसनीयता बनाए रखने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। ऐसे सराहनीय प्रयास रेलवे में संरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।