128स्लाइस की सीटी एंजियोग्राफी मशीन जनसेवा में स्थापित,

जन सेवा हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा सेवाएं


श्रीगंगानगर। शहर के हनुमानगढ़ रोड पर स्थापित डॉ.एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (जन सेवा हॉस्पिटल) को यदि श्रीगंगानगर जिले के चिकित्सा जगत का चमकता सितारा कहें तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिले के चिकित्सा जगत में अगल पहचान रखने वाले इस संस्थान में एक ही छत के नीचे चिकित्सा की ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो अब से पहले महानगरों में ही उपलब्ध थीं। सीटी एंजियोग्राफी, जाइस मेल-90 और पॉश्चिेरियर विट्रेक्टॉमी सर्जिकल इक्विपमेंट जैसी आधुनिक मशीनें टांटिया समूह को अन्यों से अलग बनाती है।
श्रीगंगानगर अब मेडिकल फेसिलिटी हब
हॉस्पिटल में हाई रेज्यूल्युशन 128 स्लाइस सीटी एंजियो मशीन स्थापित की है। बेहतरीन क्वालिटी वाली यह मशीन हार्ट रोग, गुर्दा रोग, नसों के रोगों और ऐसे ही कई गंभीर रोगों में जांच के लिए उपयोगी साबित होगी। बेहतरीन रिजल्ट देने वाली यह मशीन संभाग में पहली बार स्थापित की गई है।
अब तक दिल्ली और जयपुर में ही यह सुविधा उपलब्ध थीं।। अब इसे श्रीगंगानगर में लगाया गया है ताकि रोगियों को लाभ मिल सके। अब तक 128 स्लाइस सीटी एंजियो मशीन से इलाज के लिए लोग जयपुर, दिल्ली या अन्य बडे़ शहरों में जाते थे।
यह एक हाई रेल्यूल्यूशन मशीन है, जो शरीर की डिटेल 3 डी पिक्स तैयार करने के लिए 128 डिटेक्टरों का उपयोग करती है। रक्त वाहिकाओं की उच्च क्वालिटी तस्वीरें तैयार करती हैं। फास्ट स्कैनिंग वाली मशीन की क्वलिटी अच्छी है और रेडियेशन का जोखिम भी कम है।
इस मशीन में केवल डेढ मिनट की अवधि में ही दिल, दिमाग और शरीर की नसों की तस्वीरें ले ली जाती हैैंं। यह मशीन हार्ट की नसों के माइक्रो पिक्चर्स लेती है और सीटी स्कैन के साथ-साथ एंजियाग्राफी के भी बेहतरीन परिणाम दे देती है। इससे रोगी को एंजियाग्राफी के लिए अलग से समय नहीं देना पड़ता। दिमाग की नसों के ब्लॉकेज व नर्व सिस्टम में किसी भी ब्रेक डाउन को इस मशीन के जरिए बेहद आसानी से डायग्नोसिस करके रोगी को तुरंत राहत पहुंचाई जा सकेगी। सीटी एंजियोग्राफी एक दर्द रहित प्रक्रिया है यह कोरोनरी धमनी रोग, हृदय वाल्व विकार जैसे हृदय रोगों के निदान के लिए उपयोगी है।
कुछ ही मिनट में चश्मे से मुक्ति
संस्थान प्रबंधन ने इससे भी आगे बढ़ते हुए डॉ. एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (जन सेवा हॉस्पिटल) की सिस्टर कंसर्न ऑप्टिमा-वन हॉस्पिटल में जाइस मेल-90 मशीन की सुविधा उपलब्ध करवाई है। यह मशीन जन सेवा हॉस्पिटल के चौथे फ्लोर पर स्थापित की गई है। लेजर किरणों के जरिए काम करने वाली इस मशीन से रोगी की रिफ्रेक्टिव सर्जरी की जाएगी। इसमें रोगी की आंख की पुतली को लेजर किरणों से ठीक किया जाता है और कुछ मिनट में ही रोगी को चश्मे से मुक्ति मिल जाती है।
यह नई तकनीक का लेजर ऑपरेशन है जो आंखों की कॉर्निया के आकार को बदलकर चश्मे या कांटेक्ट लेंस की निर्भरता को स्थायी रूप से कम या खत्म करता है। इससे निकटदृष्टि दोष, दूरदृष्टि दोष और एस्टिग्मैटिज्म का उपचार किया जाता है। विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सी पवार ने बताया कि यह आंख से चश्मा हटाने का सुरक्षित और प्रभावी तरीका हैं। यह ब्लड लैस और टच लैस ऑपरेशन है। इसमें आंख को नहीं छुआ जाता है और यह ब्लड लैस भी है। निकटदृष्टि दोष, दूरदृष्टि दोष और एस्टिग्मैटिज्म से पीड़ित लोग जन सेवा हॉस्पिटल में संपर्क कर सकते हैं। जाइस मेल 90 मशीन के जरिए उपचार के इच्छुक रोगियों का लेसिक वर्क अप यानी रिफ्रेक्टिव सर्जरी से पहले की कई जांचे निःशुल्क की जाएंगी।
ओसीटी मशीन है खास
हॉस्पिटल में आंख के रोगों के इलाज के लिए कई विशेष मशीनें खरीदी गई है।
हॉस्पिटल में अब ओसीटी मशीन उपलब्ध है। ओसीटी मशीन यानी ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन में इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके आंखों के अंदर की संरचनाओं की विस्तृत तसवीरें ली जा सकती है। इसी तरह रेटिना में असामान्य रक्तवाहिकाओं को सिकोड़ने या नष्ट करने के लिए लेजर मशीन का उपयोग किया जाता है। इंट्राविटरल इंजेक्शन देकर आंख के अंदर जैली नुमा हिस्से में इंजेक्शन के जरिए दवा पहुंचाई जा सकती है। इसके साथ ही विट्रक्टॉमी मशीन के जरिए गंभीर नेत्र रोगों का इलाज किया जाता है