गंगा नदी में आई बाढ़ से बेघर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, आवास योजना में अनियमितता का आरोप

गंगा नदी में आई बाढ़ से बेघर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, आवास योजना में अनियमितता का आरोप

_गरीबों के साथ अन्याय, आवास देने के नाम पर 5000,10000 रुपये वसूलने का भी आरोप_

बिलग्राम (हरदोई) ग्राम पंचायत कटरी छिबरामऊ परगना व तहसील बिलग्राम जिला हरदोई में गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ से कई परिवारों के आवासीय मकान नदी में समाहित हो गए। इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत आवास दिलाए जाने की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को एक संयुक्त प्रार्थना पत्र सौंपा है। प्रार्थना पत्र में विष्णु पुत्र कल्लू, रामखेलावन पुत्र फकीरे, लालाराम पुत्र शिवनाम, मीरा पत्नी बिजेंद्र, रामश्री पत्नी अमरनाथ, नेकराम, सोनेलाल, दयाराम पुत्र सोनेलाल, उर्मिला पत्नी सर्वेश, आशा देवी पत्नी सुंदरलाल, बिंदेश्वरी पत्नी झम्मन लाल, सुनीता पत्नी मिथलेश, मीना पत्नी मदन पाल, रंजना कुमारी पत्नी अयोध्या सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के बाद लेखपाल द्वारा कराई गई जांच में 39 पात्र लाभार्थियों को 8-8 हजार रुपये की राहत राशि दी गई थी, जिससे यह स्पष्ट है कि वे आपदा से प्रभावित और पात्र हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद ग्राम पंचायत स्तर पर आवास योजना के तहत उनके प्रकरणों को गलत तरीके से अपात्र घोषित कर दिया गया। जबकि शेष पात्र परिवार आज भी बेघर जीवन जीने को मजबूर हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा अपने मनमाने तरीके से जांच कर पत्रावलियों को सही ढंग से अग्रसारित नहीं किया गया, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। ऐसे में सभी प्रभावितों ने पात्रता के आधार पर शीघ्र आवास स्वीकृत कराए जाने की मांग की है।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि माननीय मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर बाढ़ पीड़ित बेघर परिवारों को न्याय अवश्य दिलाएंगे।