बिजनौर में बाढ़ आपातकाल के लिए मॉक ड्रिल:गंगा बैराज पर एनडीआरएफ समेत कई विभागों ने लिया हिस्सा

बिजनौर में बाढ़ आपातकाल के लिए मॉक ड्रिल:गंगा बैराज पर एनडीआरएफ समेत कई विभागों ने लिया हिस्सा

बिजनौर में राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) और जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशों के तहत बाढ़ आपातकाल से निपटने के लिए एक जिला स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। यह अभ्यास आज दोपहर 2 बजे शुरू हुआ।

मॉक ड्रिल से पहले, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक टेबल टॉक बैठक हुई। इसमें एनडीआरएफ के अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य, पंचायत, पशुपालन, सिंचाई और राजस्व विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह की अध्यक्षता में यह जिला स्तरीय मॉक एक्सरसाइज ठीक 2 बजे गंगा बैराज स्थल पर शुरू हुई। कार्यक्रम स्थल पर राजस्व विभाग ने टेंट, कुर्सियां, लंच पैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एम्बुलेंस तथा मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद था।

एनडीआरएफ, पीएसी, होमगार्ड और आपदा मित्र के जवान बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे। अग्निशमन विभाग के जवान और वाहन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ मौजूद थे। शीश महल को अस्थाई अस्पताल के रूप में व्यवस्थित किया गया था, जहां रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाए गए बेहोश और घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए भर्ती किया गया।

सायरन बजते ही, एनडीआरएफ के जवान मोटरबोट लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाने के लिए निकले। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उन्होंने डूबते हुए लोगों को बचाने के साथ-साथ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बेहोश और जख्मी लोगों को तैयार खड़ी एंबुलेंस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार्यक्रम के अंत में, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने अभ्यास में योगदान देने वाले आपदा मित्रों को लाइफ जैकेट सहित आपदा संबंधी उपकरण प्रदान किए।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर रितु चौधरी, डिप्टी कलेक्टर/जिला सूचना अधिकारी हर्ष चावला, मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ आर के पाण्डेय,जिला मलेरिया अधिकारी, एनडीआरएफ के कमांडर सूर्य कुमार, आपदा विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव सहित पुलिस, स्वास्थ्य, होमगार्ड, फायर सेफ्टी, सिंचाई और राजस्व सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।