प्रयागराज मण्डल द्वारा 33 दिव्यांग रेल कर्मचारियों को ट्राई-व्हील युक्त स्कूटी का वितरण

प्रयागराज मण्डल द्वारा दिव्यांग रेल कर्मचारियों के सशक्तिकरण एवं सुविधा संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए आज दिनांक 13 फरवरी, 2026 को पहली बार मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज,रजनीश अग्रवाल के कर-कमलों से 02 महिला कर्मचारियों सहित कुल 33 दिव्यांग रेल कर्मचारियों को ट्राई-व्हील युक्त स्कूटी का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम प्रयागराज मण्डल कार्यालय परिसर में गरिमामय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर अपर मण्डल रेल प्रबंधक/सामान्य दीपक कुमार, अपर मण्डल रेल प्रबंधक/इन्फ्रा नवीन प्रकाश, अपर मण्डल रेल प्रबंधक/परिचालन मुबश्शिर वारिस, वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी/प्रयागराज मण्डल वैभव कुमार गुप्ता सहित मण्डल के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

स्कूटी की चाबियाँ प्रदान करते हुए मंडल रेल प्रबंधक महोदय ने लाभार्थी कर्मचारियों के कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग कर्मचारियों के प्रति संगठन की संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व तथा समावेशी सोच का सशक्त उदाहरण है। भारतीय रेल की वास्तविक शक्ति इसके समर्पित कर्मचारी हैं, जो विषम परिस्थितियों के बावजूद अपने परिश्रम, दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता से संगठन को निरंतर सशक्त बना रहे हैं। दिव्यांग सहकर्मियों का योगदान हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

अपने संबोधन में मंडल रेल प्रबंधक ने यह भी कहा कि कर्मचारी हित निधि समिति द्वारा कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह कल्याणकारी कदम उठाया गया है। इस प्रकार की योजनाएँ संगठन में विश्वास, सहयोग और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि संगठन की प्राथमिकता केवल परिचालन उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों का सर्वांगीण कल्याण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एक समावेशी एवं संवेदनशील कार्य वातावरण का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक स्कूटी हेतु कर्मचारियों द्वारा ₹40,909/- का अंशदान किया गया है, जबकि शेष ₹55,000/- प्रति स्कूटी की राशि प्रयागराज मण्डल की कर्मचारी हित निधि से प्रदान की गई है। इस प्रकार कुल 33 स्कूटी के वितरण हेतु कर्मचारी हित निधि से लगभग ₹18,15,000/- की राशि व्यय की गई है।

इस पहल के माध्यम से उत्तर मध्य रेलवे ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठन अपने कर्मचारियों के सम्मान, सुविधा एवं समग्र विकास के प्रति सदैव सजग और प्रतिबद्ध है। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता एवं कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।