मगध एक्सप्रेस में ईमानदारी का उदाहरण, मुख्य टिकट निरीक्षक ने यात्री का खोया धन सुरक्षित लौटाया गया

मगध एक्सप्रेस में ईमानदारी का उदाहरण, मुख्य टिकट निरीक्षक ने यात्री का खोया धन सुरक्षित लौटाया गया

14 फरवरी को गाड़ी संख्या 20801 इस्लामपुर - नई दिल्ली मगध एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान रेल प्रशासन के एक कर्मचारी द्वारा ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया। दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से टूंडला स्टेशन के मध्य कार्यरत मुख्य टिकट निरीक्षक/टूंडला,यशवंत कुमार मीना ने अपनी ड्यूटी के दौरान कोच संख्या A1 में एक यात्री की गिरी हुई धनराशि बरामद की।

ड्यूटी के दौरान नियमित टिकट जांच एवं निरीक्षण करते समय उन्हें कोच में एक स्थान पर लगभग ₹54,300/- की नकद राशि दिखाई दी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मीना ने तत्काल आसपास उपस्थित यात्रियों को जागरूक किया तथा उनसे पूछताछ की कि क्या किसी यात्री की कोई धनराशि गिरी है । प्रारंभिक स्तर पर कोई भी व्यक्ति आगे नहीं आया, जिसके बाद उन्होंने पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उक्त धनराशि को सुरक्षित रखा।

इसके पश्चात ड्यूटी पर तैनात राजकीय रेलवे पुलिस कर्मी,नुमान खान की उपस्थिति में पुनः यात्रियों से सत्यापन कराया गया । आवश्यक पूछताछ और पहचान की प्रक्रिया के बाद धनराशि के वास्तविक स्वामी श्री राजेंद्र सिंह यादव की पुष्टि होने पर राशि उन्हें सौंप दी गई।

मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज,राजनीश अग्रवाल ने इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की ईमानदारी और जिम्मेदारी ही भारतीय रेल की छवि को सुदृढ़ बनाती है।यशवंत कुमार मीना का यह कार्य न केवल अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यात्रियों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करता है।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारतीय रेल के कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग, संवेदनशील और समर्पित हैं। भविष्य में भी इस प्रकार की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की अपेक्षा सभी कर्मचारियों से की जाती है, जिससे यात्रियों का भरोसा निरंतर बना रहे।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन ने मुख्य टिकट निरीक्षक/टूंडला,यशवंत कुमार मीना एवं राजकीय रेलवे पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सकारात्मक घटनाएं समाज में नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करती रहेंगी।