नंद बाबा दुग्ध मिशन की योजनाओं से ए-2 दूध की उत्पादकता बढ़ेगी

देवरिया । जनपद में इस समय राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत पशुओं को एफएमडी का टीका लगाया जा रहा है साथ ही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी पशुपालकों को दी जा रही है। विकास खंड बैतालपुर में टीकाकरण अभियान के दौरान पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकान्त तिवारी ने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन की योजनाओं से ए-2 दूध का उत्पादन बढ़ेगा। ए-2 दूध मुख्य रूप से देशी गायों जैसे गिर,साहीवाल,हरियाना,गंगातीरी आदि नस्ल से प्राप्त शुद्ध दूध है, जिसमें ए-2 बीटा केसीन नामक प्रोटीन होता है। यह विदेशी/हाइब्रिड गायों के ए-1 दूध की तुलना में अधिक पौष्टिक,सुपाच्य और कैंसर व हृदय रोगों से बचाने में मददगार माना जाता है।

नंद बाबा दुग्ध मिशन अंतर्गत नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 25 शुद्ध देसी नस्लों की गायों की परियोजना है जिसकी लागत रु 62.5 लाख है। अनुदान का 50 प्रतिशत सब्सिडी तीन चरणों में मिलता है।आधारभूत संरचना संरचना हेतु 0.5 एकड़ तथा चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़ भूमि अनिवार्य है। इसी प्रकार मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 10 पशु की लागत 23.6 लाख है। अनुदान का 50 प्रतिशत सब्सिडी दो चरणों में मिलता है। आधारभूत संरचना संरचना हेतु 0.2 एकड़ तथा चारा उत्पादन के लिए 0.8 एकड़ भूमि अनिवार्य है। उपरोक्त दोनों योजनाओं में लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत व बैंक ऋण 35 प्रतिशत है।

दो शुद्ध देसी गाय पालने के लिए मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना है जिसकी लागत रु 2 लाख है एवं अनुदान सब्सिडी 40 प्रतिशत है। ऐसे पशुपालक जो पहले से शुद्ध देसी नस्ल की गाय पाले हैं उनको भी मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पहले,दूसरे व तीसरे व्यांत के पशुओं के ब्यानें 45 दिन के अंदर आवेदन करने पर रू 10 या 15 हजार का प्रोत्साहन राशि मिलती है।