रामलक्ष्मणपुर में ओवररेटिंग पर बिक रही देशी शराब, निजी घर से भी हो रही तस्करी; आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

रामलक्ष्मणपुर में ओवररेटिंग पर बिक रही देशी शराब, निजी घर से भी हो रही तस्करी; आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल


चकिया/चंदौली। जनपद चंदौली के चकिया क्षेत्र में देशी शराब की ओवररेटिंग और अवैध बिक्री को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि क्षेत्र के रामलक्ष्मणपुर में खुलेआम निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर देशी शराब बेची जा रही है, जबकि इस पर अंकुश लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि देशी शराब की बोतलें निर्धारित मूल्य से अधिक यानी 85 से 100 रुपये तक में बेची जा रही हैं। जबकि सरकारी दर इससे कम है। इसके बावजूद दुकानदार खुलेआम अधिक कीमत वसूल रहे हैं और उपभोक्ताओं को मजबूर होकर ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं।

निजी घर से भी चल रहा अवैध कारोबार


महेश,कैलाश, सुरेश ग्रामीणों का आरोप है कि देशी शराब की दुकान से चंद दूरी पर एक निजी घर से भी शराब की अवैध बिक्री की जा रही है। बताया जा रहा है कि वहां से शराब की तस्करी कर आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है। इससे साफ जाहिर होता है कि शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें कार्रवाई का कोई डर नहीं है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस अवैध गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग और अधिकारियों को दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।


आबकारी विभाग पर उठ रहे सवाल


लोगों का आरोप है कि यदि संबंधित अधिकारी समय-समय पर जांच करते और सख्ती बरतते तो इस तरह की ओवररेटिंग और अवैध तस्करी संभव नहीं हो पाती। क्षेत्र में चर्चा है कि अधिकारियों की कथित मेहरबानी या लापरवाही के कारण ही यह धंधा फल-फूल रहा है और शराब कारोबारी मालामाल हो रहे हैं।


कार्रवाई की मांग


स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार और अधिक बढ़ सकता है।


फिलहाल क्षेत्र के लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि ओवररेटिंग और अवैध तस्करी के इस खेल पर जल्द ही लगाम लगाई जाएगी।