एआई तकनीकी को हमें आत्मसात करना होगा

तेजी से उभरती एआई तकनीकी को हमें
आत्मसात करना होगा: प्रो मुकेश पाण्डेय


बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एआई पर सम्मेलन
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मुकेश पाण्डेय ने कहा कि हमें वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती एआई तकनीकी को हमें आत्मसात करना होगा। एआई के जरिए हम अपने भविष्य को आकार दे सकते हैं।
सोमवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में फ्यूचर आफ एआई इन हायर एजुकेशन विषय पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रो पाण्डेय ने कहा कि हर घंटे में तकनीकी का स्वरूप बदल रहा है। हमें इसकी बारीकियों को सीखना होगा। हमें अपने समाज के कल्याण के लिए तकनीकी का उपयोग करना है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि आज पूरी दुनिया तीव्र तकनीकी बदलाव के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने एआई सम्मेलन के आयोजन के लिए बुविवि की सराहना की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का आह्वान किया कि लय और लाइब्रेरी से जुड़ें। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हम विविध क्षेत्र की समस्याओं का समाधान खोज सकेंगे।
शुरुआत में सभी अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। डा डीके भट्ट ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डा अनुपम ने किया। डा प्रियंका पाण्डेय ने विषय प्रवर्तन किया।
सेना के मेजर अभिरूप डे ने एक चीनी विचारक के कथन का हवाला देते हुए कहा कि हमें तकनीकी का सहारा लेकर ऐसा उपकरण बनाना है कि शत्रु डरे और लड़ने ही न आए। उन्होंने कहा कि तकनीकी के ज़रिए हम शत्रु की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रख सकते हैं। तकनीकी के माध्यम से अपने घर में बैठकर ही दुश्मन को उसके घर में घुसकर मार सकते हैं। उन्होंने बुविवि के सहयोग से सेना की विविध समस्याओं का हल ढूंढ़ने की योजना पर काम करने पर बल दिया।�
मुख्यमंत्री के सलाहकार रहीश सिंह ने कहा कि आज के दौर में एआई का बोलबाला है। एआई से आप शिक्षित होंगे या उसे शिक्षित करेंगे यह विचार करना महत्वपूर्ण है। ए आई के चमत्कार में अस्तित्व खो न जाए यह भी ध्यान रखना होगा।
बुविवि के कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर एआई का उपयोग अनिवार्य बनता जा रहा है। इसके कारण दुनिया के सभी परिदृश्य बदलते जा रहे हैं। सभी देश एआई तकनीकी का प्रयोग विकास के लिए कर रहे हैं।�
विशिष्ट अतिथि ओंकार राय ने भी एआई के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनियाभर में एआई का प्रयोग समस्याओं के निराकरण के लिए किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में मेटा के विशेषज्ञ मिस्टर फैज ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से एआई के विविध तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में प्रो एम एम सिंह, डा सौरभ श्रीवास्तव, जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान के समन्वयक डा कौशल त्रिपाठी, डा राघवेंद्र दीक्षित, वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षक उमेश शुक्ल,शोध छात्र देवेंद्र सिंह, अतीत विजय और विभिन्न विभागों के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।