शादीशुदा की फिर से शादी में बड़ा एक्शन, छह निलंबित, BDO, ADO का वेतन रुका, ADM भी निशाने पर

शादीशुदा की फिर से शादी में बड़ा एक्शन, छह निलंबित, BDO, ADO का वेतन रुका, ADM भी निशाने पर

मुराबादाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह घोटाले में बड़ा एक्शन हुआ है। छह ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। बीडीओ, एडीओ का वेतन रोक दिया गया है। एडीएम भी निशाने पर हैं। शासनस्तर से उन पर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामने आई भारी गड़बड़ियों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मूढापांडे ब्लॉक के छह ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है। वहीं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मूढापांडे का वेतन रोककर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही एडीओ समाज कल्याण का वेतन रोकते हुए उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई शासन स्तर से की जाएगी। अब तक 37 युवक-युवतियों की दोबारा शादी की पुष्टि हो चुकी है।

यह सभी ग्राम पंचायत सचिव मूढापांडे ब्लॉक के हैं। रविवार की शाम जिलाधिकारी अनुज सिंह ने स्थानीय अधिकारियों की टीम से कराई गई जांच के बाद डीपीआरओ और डीडीओ को इन सचिवों के निलंबन के आदेश जारी किए। जांच में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मूढापांडे ब्लॉक में सबसे अधिक गड़बड़ी सामने आई है। साथ ही अन्य ब्लॉकों के ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सामूहिक विवाह योजना में धांधली, उपहार सामग्री की आपूर्ति में अनियमितता और विवाह समारोह के आयोजन में अव्यवस्था की शिकायतों के बाद जांच कराई गई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। कुंदरकी के विधायक रामवीर सिंह ने प्रभारी मंत्री की बैठक में इस मामले की शिकायत की थी।

जिलाधिकारी अनुज सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्रों के चयन और सत्यापन में गड़बड़ी के लिए आठ लोगों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्राम्य विकास विभाग के सचिवों को डीडीओ और पंचायत विभाग के सचिवों को डीपीआरओ निलंबित करेंगे। अन्य ब्लॉकों के ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध भी जांच कराई जाएगी।

इन पर निलंबन की गाज

विवाह योजना में पात्रों के चयन में गड़बड़ी के आरोप में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी धनेंद्र सिंह, मोहन सिंह रावत, शादाब अली, इंतजार हुसैन, रजत पुष्कर और रवि कुमार को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार तथा पहले से मुख्यालय से संबद्ध एडीओ समाज कल्याण प्रशांत सिंह के वेतन रोक दिए गए हैं। दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच कराई जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी के अनुसार जिलाधिकारी स्तर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को सचिवों को निलंबन आदेश जारी कर दिए जाएंगे, जबकि बीडीओ और एडीओ समाज कल्याण के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।

कुल 37 जोड़ों के दूसरी बार शादी होने की पुष्टि

मुख्य विकास अधिकारी की ओर से कराई गई जांच में 37 जोड़ों के दूसरी बार शादी रचाने के आरोप पुष्ट हुए हैं। कुंदरकी और मूढापांडे क्षेत्र से सबसे अधिक शिकायतें सामने आई थीं। जिला विकास अधिकारी की रिपोर्ट में मूढापांडे क्षेत्र में ऐसे 24 प्रकरण पाए गए हैं। जिले भर में कुल 37 जोड़ों की शादी-निकाह में यह अनियमितता पुष्टि हुई है।

सिटी अपडेट ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी का मुद्दा 12 जनवरी को प्रभारी मंत्री अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक में उठा था। सिटी अपडेट ने इसे ?कुंदरकी विधायक ने कहा, सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ ही गड़बड़? शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर जांच कराई। बाद में समाज कल्याण मंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए टीम भेजी।

घोटाले की जांच रिपोर्ट कल समाज कल्याण मंत्री को सौंपेगी टीम

मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई गड़बड़ियों की जांच पूरी हो गई है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति मंगलवार को जांच रिपोर्ट समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण को सौंपेगी। समिति ने दहेज सामग्री की आपूर्ति करने वाले वेंडर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। जिन लाभार्थियों को उपहार सामग्री नहीं मिली या अधूरी मिली है, उन्हें सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

जनपद में दो चरणों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया गया था, जिसमें 2015 जोड़ों का उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया। चार दिसंबर को दिल्ली रोड स्थित मैदान में पहला आयोजन हुआ था, जबकि दूसरा आयोजन पांच दिसंबर को रामपुर दोराहा स्थित मैदान में किया गया था। दोनों आयोजनों में उपहार सामग्री के वितरण और भोजन-नाश्ते को लेकर अव्यवस्थाएं सामने आई थीं।

मामले का संज्ञान लेते हुए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने तीन सदस्यीय जांच टीम भेजी थी। टीम ने मुरादाबाद में गहन जांच की। समिति की अगुवाई विभाग के संयुक्त निदेशक अरुण पांडे ने की। जांच में 24 लाभार्थियों द्वारा दहेज सामग्री न मिलने की शिकायतें सही पाई गईं, जिन्हें सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।