वृंदावन के प्रतिष्ठित सर्राफा व्यापारी के घर और प्रतिष्ठान पर जीएसटी टीम की कार्यवाही

अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारिक जगत में हलचल

वृंदावन । धर्मनगरी के सर्राफा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब CGST (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स) और सेंट्रल एक्साइज विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े सर्राफा व्यवसायी के घर और प्रतिष्ठान पर एक साथ छापामार कार्यवाही शुरू की। विभाग की यह कार्रवाई वृंदावन के प्रसिद्ध कैला देवी मंदिर के समीप स्थित 'आर एस ज्वेलर्स' पर हुई है। जानकारी के अनुसार, विभाग को लंबे समय से टैक्स चोरी और स्टॉक में हेराफेरी की गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं। इसी आधार पर टीम ने पूरी तैयारी के साथ कैला देवी मंदिर के पास स्थित आर एस ज्वेलर्स के शोरूम और मालिक के निवास स्थान पर धावा बोला। कार्यवाही के दौरान दुकान के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया और किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

सूत्रों के अनुसार, विभाग की टीमें दुकान में मौजूद सोने-चांदी के स्टॉक का मिलान बिलों से कर रही हैं। साथ ही, पिछले कुछ वर्षों के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और कच्चे बिलों की भी गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से बरामदगी का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर टैक्स की अनियमितता सामने आ सकती है। धार्मिक नगरी वृंदावन के पुराना बजाजा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर प्रतिष्ठित। आर एस ज्वेलर्स की दुकान पर जीएसटी विभाग द्वारा छापामार कार्यवाही की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से व्यापारिक जगत में हलचल मच गई और इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।जीएसटी विभाग की टीम पूर्व नियोजित रणनीति के तहत सुबह दुकान पर पहुंची और काउंटर से लेकर स्टोर रूम तक गहन जांच शुरू की। टीम ने दुकान के खरीद-बिक्री से जुड़े बिल, टैक्स रिटर्न, स्टॉक रजिस्टर और डिजिटल रिकॉर्ड्स की बारीकी से पड़ताल की। बताया जा रहा है कि विभाग को लंबे समय से टैक्स चोरी और लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान दुकान पर मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई और कई अहम दस्तावेजों को खंगाला गया। इस छापेमारी की खबर फैलते ही आसपास के बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य व्यापारियों में भी चिंता देखी गई और कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड खंगालते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वृंदावन जैसे धार्मिक और पर्यटन नगरी में इस तरह की कार्रवाई दुर्लभ मानी जाती है, इसलिए यह मामला और भी ज्यादा चर्चा में है। हालांकि, अभी तक जीएसटी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, ज्वेलर्स प्रतिष्ठान की ओर से फिलहाल इस पूरे मामले पर चुप्पी साधी गई है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि आरोप कितने सही हैं और कितना टैक्स बकाया है। फिलहाल, जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि टैक्स नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब सख्ती तय है, चाहे वह कितना ही बड़ा और प्रतिष्ठित कारोबारी क्यों न हो।