हरदोई के प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह निलंबित, योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप, निदेशालय की रिपोर्ट पर कार्रवाई

हरदोई। जनपद में योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के आरोप में प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई निदेशालय की ओर से शासन को भेजी गई आख्या के आधार पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, विनय कुमार सिंह सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्रावि.) के पद पर तैनात रहते हुए प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी का कार्य देख रहे थे। उन पर जनपद में डिजिटल पुस्तकालय (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) की स्थापना समय से पूरी न कराने, आरजीएसए, स्वच्छ भारत मिशन, अंत्येष्टि स्थल तथा अन्य योजनाओं में खराब प्रगति, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, समितियों से जुड़े प्रकरणों में रुचि न लेने और पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के आरोप लगे हैं। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासनिक एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत निलंबित किया गया है।
साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी के रूप में देवीपाटन मंडल, गोंडा के उपनिदेशक (पंचायत) गिरीश चंद्र रजक को नामित किया गया है, जिन्हें एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निलंबन अवधि में विनय कुमार सिंह को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। यह भत्ता तभी देय होगा जब वह प्रमाणित करेंगे कि वे किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पंचायतीराज निदेशालय, उत्तर प्रदेश से संबद्ध रखा गया है।