रेल बजट 2026-27 राजस्थान को रिकार्ड 10228 करोड़ रूपये के बजट का आवंटन

रेल बजट 2026-27 राजस्थान को रिकार्ड 10228 करोड़ रूपये के बजट का आवंटन

अश्विनी वैष्णव,रेलमंत्री ने 01 फरवरी को प्रस्तुत बजट में भारतीय रेलवे के लिए किए गए प्रावधानों पर वीडियों कान्फ्रेंसिंग से चर्चा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में रेलवे के विकास के लिए विशेष बल दिया गया है जिससे रेलवे पर संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, आधुनिकीकरण और संरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्ष 2026-27 में रेलवे को अभी तक का सबसे अधिक रिकार्ड 2.78 लाख करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 में इन्फ्रास्ट्रचर कार्यों को गति प्रदान करने के लिए 2.93 लाख करोड़ रूपए के पूंजीगत व्यय (CAPEX) का आवंटन किया गया है।रेलमंत्री ने बजट 2026 में पहली बार इतने अधिक बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है।

अश्विनी वैष्णव,रेलमंत्री ने राजस्थान के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि राजस्थान राज्य बहुत बड़ा प्रदेश है और यहाँ रेलवे के विकास के लिए अनेकों कार्य प्रगति पर है।प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2026-27 के बजट में पहली बार 10 हजार करोड़ रूपए से अधिक 10228 करोड़ रूपए प्रदान किए गए है जो कि वर्ष 2009-14 के बजट की तुलना में लगभग 15 गुणा अधिक है। राजस्थान में स्थित 85 रेलवे स्टेशनों को 4500 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के साथ अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है जिनका कार्य बहुत तेजी के साथ प्रगति पर है। 8 स्टेशनों (गोगामेड़ी, फतेहपुर शेखावाटी, राजगढ़, देशनोक, बूंदी, गोविंदगढ़, मंडावर महुआ रोड़, मांडलगढ) का उद्घाटन देशनोक से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में 56000 करोड़ रूपए से अधिक के कार्य प्रगति पर है। राजस्थान में लगभग 99 प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है। राजस्थान में वर्ष 2014 से अब तक रेलवे ट्रैक पर 1514 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है तथा लगभग 3,900 किलोमीटर ट्रेक का निर्माण किया गया है जो कि डेनमार्क के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है।

राजस्थान में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के फलस्वरूप नई गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। बेहतर रेल सम्पर्क के लिए 6 जोडी वंदे भारत और 1 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। विगत समय में जोधपुर और बीकानेर से वंदे भारत ट्रेन तथा जैसलमेर से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ किया गया है। इसके साथ ही जोधपुर से पुणे, हैदराबाद और चैन्नई के लिए भी नई ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ किया गया है।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों के लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है। रेलवे द्वारा स्टेशनों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिये कार्य किया जा रहा है जिसके तहत मंडल के कुल 15 स्टेशनों (ब्यावर, सोजत, सोमेसर, मारवाड़, रानी, फालना, जवाईबांध, पिंडवाड़ा, बिजयनगर, भीलवाड़ा, मावली, कपासन, फतेहनगर, राणाप्रतापनगर, डूंगरपुर) पर 270.75 करोड़ की लागत से अमृत स्टेशन योजना के विकास कार्य किया जा रहे हैं

पुनर्विकास के तहत उदयपुर स्टेशन के पुनर्विकास कार्य 354 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहे हैं। अजमेर स्टेशन पर 279 करोड़ की लागत से पुनर्विकास कार्य शीघ्र शुरू होगा। आबू रोड स्टेशन पर 87.08 करोड़ की लागत से पपुनर्विकास के कार्य किए जाएंगे

इस प्रकार कुल 720 करोड़ की लागत के विकास कार्य किये जायेंगे। नई लाइन परियोजना के अन्तर्गत आबू रोड- तरंगा हिल प्रोजेक्ट 2930 करोड़, पुष्कर -मेड़ता लाइन 800 करोड़ और नीमच -बड़ी सादड़ी 895 करोड़ अर्थात कुल 4625 करोड़ के नई लाइन प्रोजेक्ट पर कार्य जारी है । उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट की विस्तृत रिपोर्ट आने पर मंडल को विभिन्न मदों में आशा अनुरूप बजट प्राप्त हुआ है।

प्रेस वार्ता के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक विकास बूरा, मुख्य परियोजना प्रबंधक(गतिशक्ति)अनूप कुमार शर्मा तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव सहित अन्य रेल अधिकारीगण तथा प्रेस मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।