टीटीई ने तत्परता दिखाते हुए यात्री का महंगा मोबाइल फोन लौटाय

टीटीई ने तत्परता दिखाते हुए यात्री का महंगा मोबाइल फोन लौटाय

अजमेर मंडल के अजमेर स्टेशन पर तैनात डिप्टी सीटीआई जोताराम देवासी ने तत्परता और कर्तव्य परायणता का परिचय देते हुए एक यात्री का शौचालय में गिरे महंगे मोबाइल को भी निकलवा कर पुनः यात्री को लौटाया, जबकि संबंधित यात्री अत्यधिक घबरा गया था और मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव ने जोताराम द्वारा किए गए कार्य की सराहना करते कहा कि इस तरह का कार्य रेलवे कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा को उजागर करता है। संबंधित यात्री ने भी जोतराम की अत्यधिक सराहना करते हुए एक हस्तलिखित प्रशंसा पत्र मोबाइल लेते समय जोतराम को दिया जिसके अंतर्गत उन्होंने घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि 26 जनवरी को मैं प्रदीपसिंह मुख्य प्रबन्धक, पंजाब नेशनल बैंक, वर्तमान में अहमदाबाद में पदस्थापित हूँ तथा भारतीय रेलवे की गाड़ी संख्या 14702 (अरावली एक्स्प्रेस) में आबूरोड से फुलेरा की यात्रा कर रहा था। इस दौरान गाड़ी की कोच संख्या बी-4 में सीट नंबर 43 पर सफर करते हुए मेरा फोन (एप्पल-14 प्रो) गाड़ी के बाथरूम में गिर गया। घबराहट में मैं अजमेर रेलवे स्टेशन पर उतर कर स्टेशन पर स्थित टीटीई लाबी मे गया तथा वहाँ मौजूद कर्मचारी जोताराम देवासी डिप्टी सीटीआई ने मुझे बैठाकर ढाढस बंधाया तथा एक घण्टे की मशक्कत के बाद अपने सम्पर्क सूत्रों के आधार पर मुझे विश्वास दिलाया कि अगर आपका फोन ट्रेन के अन्दर है तो आपका फोन मिल जायेगा तथा मै आप तक वो फोन पहुंचा दूंगा तत्पश्चात् जोताराम ने तकरीबन 7.30 बजे मुझे मेरे पारिवारिक नम्बर पर कॉल कर बताया कि मेरा फोन जयपुर में मिल गया है। इसके बाद जोतराम ने फोन मंगा कर मुझे अजमेर बुलाकर मेरा फोन सुपुर्द किया।संबंधित यात्री प्रदीप सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम में जोतराम की भूमिका की सराहना करते हुए बताया कि परेशानी के वक्त यात्री को अगर शांति से और तुरंत अटेन्ड किया जाए तो एक मिसाल पेश की जा सकती है,जोताराम ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही तरीके से करके इसका अहसास करवाया कि भारतीय रेलवे के कर्मचारी अपने यात्रियों की सेवा में सदैव तत्पर रहते है।जोताराम द्वारा किए गए इस कार्य के कारण अन्य रेल कर्मचारियों को भी सदैव अच्छा कार्य करने हेतु प्रेरणा मिलेगी। भारतीय रेलवे व अजमेर रेलवे स्टेशन पर तैनात जोताराम देवासी को मैं बहुत बहुत धन्यवाद और शुभकामनाएँ देता हूँ।