विद्यारंभ संस्कार एवं सरस्वती पूजन का कार्यक्रम संपन्न*

गरियाबंद, छत्तीसगढ़ - श्री भूतेश्वर नाथ बाल संस्कार समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरियाबंद में 16 संस्कारों में से एक संस्कार विद्या आरंभ संस्कार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऋतुराज बसंत ऋतु के अवसर पर बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है।

इस कार्यक्रम में 110 शिशु और अभिभावक गण उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में सत्य प्रकाश मानिकपुरी जी, लोकनाथ साहू जी, राजेंद्र सिंह परिहार जी, चैंन सिंह बघेल जी (प्राचार्य), योगेश कुमार साहू जी (प्रधानाचार्य) उपस्थित रहे।

माननीय लोकनाथ साहू जी ने पौराणिक कथा के माध्यम से बसंत पंचमी के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि इस दिन ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल छिड़कर माता सरस्वती को प्रकट किया था। इस दिन से माता सरस्वती का प्रकट उत्सव बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है।

इस अवसर पर, छोटे भैया/बहनों के गले में घी से ओम् लिखकर, माता अपनी गोद में बिठाकर पट्टी में पेंसिल द्वारा बच्चों का हाथ पकड़ कर पांच अक्षर लिखवा कर उनके विद्या का आरंभ करते हैं। इससे मां सरस्वती का आशीर्वाद बच्चों को हमेशा प्राप्त होता रहे।

इस दिन हवन पूजन और माता सरस्वती का पूजन किया जाता है। पीले वस्त्र और पीले फूल का विशेष महत्वहै