Chandauli News:एसपी ने अनुभवी इंस्पेक्टर पर फिर जताया भरोसा,मुगलसराय कोतवाली की सौंपी कमान

कभी इन थानों के लिए लखनऊ और दिल्ली तक होती थी पैरवी,अब संतोष कुमार सिंह के सामने अपराध नियंत्रण और हत्याकांड का खुलासा बड़ी चुनौती

चंदौली।एक समय था जब चंदौली जनपद में मुगलसराय और यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित सैयदराजा थाना प्रभारी की कुर्सी हासिल करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जाता था। इन थानों पर तैनाती के लिए न केवल जनपद स्तर पर बल्कि लखनऊ और दिल्ली तक सिफारिशें कराई जाती थीं।कहा जाता था कि बिना मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक पकड़ के इन थानों की कमान मिलना लगभग असंभव था। वजह साफ थी ये दोनों थाना क्षेत्र हाईवे से जुड़े होने के साथ-साथ जनपद के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों में गिने जाते हैं।

इन थाना क्षेत्रों से होकर शराब, पशु तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध असलहा की आवाजाही लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।हालांकि समय बदला है, लेकिन सूत्रों की मानें तो आज भी इन इलाकों में अपराध की चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब इन थानों की कमान उन्हीं अधिकारियों को सौंपी जा रही है, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत और कार्यशैली प्रभावी रही हो।
शनिवार को देर शाम जारी हुई तबादला सूची में पुलिस कप्तान आदित्य लांग्हे ने एक बार फिर अनुभवी इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह पर भरोसा जताया है। उन्हें मुगलसराय कोतवाली का चार्ज सौंपा गया है, जो अब तक उनके कार्यक्षेत्र से बाहर रह गया था। इससे पहले संतोष कुमार सिंह चंदौली जनपद के सैयदराजा, चंदौली सदर और अलीनगर जैसे हाईवे से जुड़े अहम थानों में प्रभारी रह चुके हैं।

बताया जाता है कि जिन-जिन थानों की जिम्मेदारी संतोष सिंह को सौंपी गई, वहां उनका कार्यकाल काफी प्रभावशाली और अनुशासित रहा। अपराध नियंत्रण, विवेचना में तेजी और पुलिसिंग को लेकर उनके कार्यों को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहा गया है। यही कारण माना जा रहा है कि मुगलसराय जैसे महत्वपूर्ण थाने की कमान उन्हें सौंपी गई है।हालांकि मुगलसराय कोतवाली की जिम्मेदारी मिलना केवल सम्मान नहीं, बल्कि कई मायनों में चुनौती भी है। वर्तमान में इस थाने से इंस्पेक्टर गगन राज सिंह को हटाया गया है, जबकि उनसे पहले विजय बहादुर सिंह प्रभारी निरीक्षक थे। इससे पूर्व दीनदयाल पांडेय भी इस थाने की कमान संभाल चुके हैं। लगातार तीसरी बार ?सिंह? सरनेम वाले अधिकारी की तैनाती को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि संतोष कुमार सिंह अपने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कितनी जल्दी हत्याकांड की परतें खोल पाते हैं और अपराधियों तक पहुंच बनाते हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण और पुलिस की सक्रियता को लेकर भी आम जनता की निगाहें उनके कार्यकाल पर टिकी रहेंगी।फिलहाल, मुगलसराय कोतवाली की कमान एक अनुभवी अधिकारी के हाथों में जाने से यह उम्मीद जरूर की जा रही है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा और लंबित मामलों में जल्द प्रगति देखने को मिलेगी।

*संतोष सिंह के लिए चुनौती बनेंगे रोहिताश पाल हत्याकांड के शूटर*
पीडीडीयू नगर। क्षेत्र में कुछ महीने पहले हुए प्रतिष्ठित व्यापारी रोहिताश पाल हत्याकांड का मामला अब भी पूरी तरह सुलझ नहीं सका है। इस हत्याकांड में अब तक शूटरों तक पुलिस की पहुंच न हो पाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में मुगलसराय कोतवाली का चार्ज संभालते ही यह मामला संतोष कुमार सिंह की प्राथमिकता में रहेगा।
पुलिस महकमे के जानकारों की मानें तो संतोष सिंह के पास अपराध और अपराधियों से निपटने का लंबा अनुभव है। उन्हें क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और आपराधिक गतिविधियों की भी अच्छी जानकारी है, क्योंकि वह लंबे समय से चंदौली जनपद में तैनात रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस कप्तान ने इस संवेदनशील थाने की बागडोर उनके हाथों में सौंपी है।