चंदौली। जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त, अब घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं है आम नागरिक चोरी के दौरान गृह स्वामी के बेटे की गोली मारकर हत्या

हथियार लहराते बदमाश, सवालों के घेरे में पुलिस और प्रशासन�

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय�

चंदौली। जनपद में कानून व्यवस्था अब पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। हालात इस कदर बदतर हो गए हैं कि आम नागरिक अपने ही घर के अंदर सुरक्षित नहीं रह गया है। ताज़ा मामला सोमवार की भोर का है, जहां चोरी की नीयत से घर में घुसे बदमाशों ने जाग जाने पर गृहस्वामी के बेटे को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह वारदात न सिर्फ एक हत्या है, बल्कि चंदौली पुलिस की नाकामी का खुला सबूत भी है।

घटना के बाद बदमाश बिना किसी डर के मौके से फरार हो गए। सवाल यह उठता है कि रात के समय पुलिस गश्त कहां थी? क्या पुलिस सिर्फ थानों और कागजों तक ही सीमित रह गई है? ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया, जिसके पास से अवैध असलहा और तीन कारतूस बरामद हुए। अगर ग्रामीण सतर्कता न दिखाते तो शायद वह भी फरार हो जाता और पुलिस हमेशा की तरह जांच के नाम पर खानापूर्ति करती।डायल 112 और स्थानीय थाना पुलिस के देर से मौके पर पहुंचने ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, लेकिन क्या इससे परिवार को न्याय मिलेगा? या यह मामला भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दफन कर दिया जाएगा?

यह कोई एक घटना नहीं है। चंदौली जनपद में अपराध अब आम बात हो गई है। कुछ दिन पहले अवैध शराब तस्करी से जुड़े विवाद में एक युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अब घर में घुसकर गोली मारकर हत्या यह साफ संकेत है कि अपराधियों को पुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं है।

राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहा है और पूछ रहा है कि आखिर कब तक जनता अपराधियों के भरोसे जीती रहेगी? सत्ता पक्ष की ओर से किए जा रहे कानून व्यवस्था बेहतर होने के दावे इस तरह की घटनाओं के सामने खोखले साबित हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अपराधी खुलेआम हथियारों के साथ घूम रहे हैं, तो पुलिस आखिर किस बात का इंतजार कर रही है? क्या किसी बड़े आंदोलन या जनाक्रोश के बाद ही प्रशासन जागेगा? चंदौली की जनता अब खुद को असहाय और असुरक्षित महसूस कर रही है।लगातार हो रही हत्याएं, लूट और अवैध हथियारों की बरामदगी यह साबित कर रही हैं कि जनपद में कानून व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस शर्मनाक स्थिति से सबक लेते हैं या फिर चंदौली यूं ही अपराधियों के हवाले बनी रहेगी।