रेलवे ट्रैक पार करना पड़ा भारी, 8 महीने में 1070 लोग गिरफ्तार प्रयागराज मंडल में ट्रेसपासिंग के खिलाफ विशेष अभियान जारी, पकड़े गए लोगों पर कानूनी कार्रवाई

प्रयागराज। रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से आवाजाही करने वालों के खिलाफ प्रयागराज मंडल, उत्तर मध्य रेलवे का विशेष अभियान लगातार जारी है। यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित एवं समयबद्ध संचालन को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ट्रैक पार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक 1070 लोगों को रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई। रेलवे के अनुसार बिना अनुमति ट्रैक पार करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।

मार्च में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां

अभियान के दौरान जनवरी में 131, फरवरी में 109, मार्च में 259, अप्रैल में 164, मई में 226, जून में 98, जुलाई में 40 और अगस्त में 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मार्च में सबसे अधिक 259 लोगों पर कार्रवाई हुई।

रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार प्रयागराज जंक्शन पर 124, चुनार में 119, कानपुर सेंट्रल में 112, नैनी में 88, प्रयागराज छिवकी और फतेहपुर में 75-75 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा अलीगढ़, कानपुर अनवरगंज, फफूंद, टूंडला, पनकी धाम, फिरोजाबाद, मानिकपुर, मिर्जापुर समेत अन्य स्थानों पर भी ट्रैक पार करने वालों को पकड़ा गया।

500 रुपये जुर्माने का प्रावधान

रेलवे अधिनियम के तहत बिना अनुमति रेलवे ट्रैक पार करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए 500 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में सक्षम न्यायालय द्वारा तीन महीने तक की कैद या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों की सजा दी जा सकती है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में रेलवे ट्रैक पार न करें। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज, सबवे या निर्धारित सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करें। रेलवे ने कहा कि थोड़ी सी जल्दबाजी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

प्रयागराज मंडल ने कहा कि सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ट्रेसपासिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।