त्योहारों पर रेलवे ने यात्रियों को दी बड़ी राहत, कई ट्रेनों में बढ़ेंगे अतिरिक्त कोच

त्योहारों पर रेलवे ने यात्रियों को दी बड़ी राहत, कई ट्रेनों में बढ़ेंगे अतिरिक्त कोच

बडगाम-कटड़ा एक्सप्रेस में स्थायी रूप से बढ़ेगी कोचों की संख्या, जनरल, स्लीपर और थर्ड एसी के अतिरिक्त कोच भी लगाए जाएंगे

जम्मू। आगामी त्योहारों के दौरान रेल यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। जम्मू मंडल से चलने और गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में अस्थायी और स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और त्योहारों के दौरान यात्रा अधिक आरामदायक होगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रेन संख्या 14688/14687 बडगाम-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस में स्थायी रूप से कोचों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में 8 कोचों के साथ संचालित इस ट्रेन को अब विस्ताडोम कोच सहित कुल 12 कोचों के साथ चलाया जाएगा। यह व्यवस्था 2 नवंबर 2026 से बडगाम और कटड़ा दोनों दिशाओं में लागू होगी।

इसी तरह ट्रेन संख्या 14803/14804 भगत की कोठी-जम्मू तवी एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा के लिए 1 अतिरिक्त द्वितीय श्रेणी का कोच लगाया जाएगा। यह व्यवस्था भगत की कोठी से 1 नवंबर से 30 नवंबर तक और जम्मू तवी से 2 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

ट्रेन संख्या 19415 साबरमती-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस में 1 नवंबर को 1 अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाया जाएगा। वापसी में यही सुविधा ट्रेन संख्या 19416 में 3 नवंबर को उपलब्ध रहेगी।

वहीं ट्रेन संख्या 19223 गांधीनगर-जम्मू तवी एक्सप्रेस में 2 नवंबर को 1 अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगाया जाएगा, जो वापसी में ट्रेन संख्या 19224 में 4 नवंबर को उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा 3 नवंबर को इसी ट्रेन में 1 अतिरिक्त स्लीपर कोच भी लगाया जाएगा। वापसी में यह कोच 5 नवंबर को ट्रेन संख्या 19224 में लगाया जाएगा।

रेलवे प्रशासन का यह निर्णय त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध कराने और भीड़ का दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अतिरिक्त कोचों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और संशोधित कोच संरचना के अनुसार टिकट बुक कराकर रेलवे की सुविधाओं का लाभ उठाएं।