टीकमगढ़। जिले के खरगापुर क्षेत्र स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर (श्री श्री 1008 बड़मा धाम) जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा

टीकमगढ़। जिले के खरगापुर क्षेत्र स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर (श्री श्री 1008 बड़मा धाम) जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। क्षेत्र के सबसे प्रमुख और आस्था के केंद्र बड़मा धाम में हर मंगलवार और शनिवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं, लेकिन मंदिर का रास्ता इतना जर्जर और जर्जर हो चुका है कि यहाँ से गुजरना जोखिम से खाली नहीं है।

मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, बिखरी हुई गिट्टियां और धूल-कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, वहीं बुजुर्गों और बच्चों के लिए इस रास्ते से निकलना किसी परीक्षा से कम नहीं है।

जनप्रतिनिधि और प्रशासन मौन

हैरानी की बात यह है कि हजारों लोगों की आस्था से जुड़े इस मार्ग की बदहाली पर न तो स्थानीय नगर पालिका का ध्यान जा रहा है और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस ओर कोई सुध ले रहे हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार अब इस जर्जर सड़क से आंखें मूंदे बैठे हैं।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय निवासियों और नियमित रूप से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि:

* मंगलवार और शनिवार को जब हजारों की भीड़ उमड़ती है, तब अव्यवस्थित और खराब सड़क के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।

* बारिश के दिनों में जलजमाव के कारण गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।

* बार-बार ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन स्तर पर केवल आश्वासन ही मिला है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।

जल्द निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी

क्षेत्रीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बड़मा धाम जाने वाले इस मुख्य मार्ग का जल्द से जल्द कायाकल्प कराया जाए। अगर प्रशासन ने समय रहते इस बदहाल सड़क की सुध नहीं ली, तो स्थानीय लोग और श्रद्धालु सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।