कबाड़ से बनी कलाकृतियों से उत्तर रेलवे ने दिया स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

दिल्ली। स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत उत्तर रेलवे की विभिन्न इकाइयों में कबाड़ से जुगाड़ और कबाड़ से कला थीम पर रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से रेलवे कर्मचारियों ने अनुपयोगी और बेकार सामग्री का रचनात्मक उपयोग कर आकर्षक कलाकृतियां तैयार की हैं।

अभियान के तहत आलमबाग डीजल शेड और लुधियाना के इलेक्ट्रिक लोको शेड में रेलकर्मियों ने अनुपयोगी सामग्री से दरियाई घोड़ा, घड़ी सहित कई सुंदर कलाकृतियां तैयार कीं। वहीं डीजल शेड तुगलकाबाद और इलेक्ट्रिक लोको शेड गाजियाबाद में कर्मचारियों ने कबाड़ सामग्री से फूलदान समेत अन्य आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया।

इस रचनात्मक पहल का उद्देश्य रेलकर्मियों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करना है। कबाड़ से जुगाड़ और कबाड़ से कला के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि नवाचार, सही सोच और रचनात्मकता के जरिए बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को भी उपयोगी और आकर्षक बनाया जा सकता है।

इन कलाकृतियों के जरिए उत्तर रेलवे ने पुनः उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल का संदेश दिया है। विभिन्न इकाइयों के रेलकर्मियों ने अपनी प्रतिभा, कौशल, समर्पण और टीम भावना के साथ इन कलाकृतियों को तैयार कर स्वच्छता अभियान को रचनात्मक स्वरूप प्रदान किया।