ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते में आरपीएफ की मुस्तैदी, जम्मू स्टेशन पर नाबालिग बालिका को किया सुरक्षित रेस्क्यू

जम्मू। बच्चों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत जम्मू मंडल में आरपीएफ ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक नाबालिग बालिका को सकुशल रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को जम्मू रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर नियमित गश्त के दौरान आरपीएफ जवानों की नजर एक नाबालिग बालिका पर पड़ी, जो अकेली और घबराई हुई अवस्था में घूम रही थी। स्थिति को भांपते हुए आरपीएफ कर्मियों ने तत्काल महिला कांस्टेबल ज्योति को मौके पर बुलाया। उन्होंने बालिका को विश्वास में लेकर संवेदनशीलता के साथ बातचीत की और उसे सुरक्षा प्रदान की।

पूछताछ के दौरान बालिका ने बताया कि वह बरेली, उत्तर प्रदेश की रहने वाली और कक्षा 12वीं की छात्रा है। उसने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह बिना बताए घर से निकल गई थी।

आरपीएफ ने मामले की जानकारी तत्काल बाल कल्याण समिति के सदस्यों को दी और बालिका को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट जम्मू लाया गया। यहां नियमानुसार आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए फर्द सुपुर्दगी तैयार की गई। इसके बाद बालिका को आगे की काउंसलिंग और परिजनों से सुरक्षित मिलाने की प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया।

रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि जम्मू मंडल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते जैसे अभियानों के माध्यम से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

रेलवे सुरक्षा बल की इस पहल से एक नाबालिग बालिका को समय रहते सुरक्षित संरक्षण मिल सका और उसे अपने परिवार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।