Varanasi News:आंखों में रोशनी नहीं तो क्या, हौसलों में उड़ान है शिक्षा के सहारे नेत्रहीन छात्रों ने दिखाई प्रतिभा की पहचान

मौके और मार्गदर्शन मिलें तो हर मुकाम हासिल कर सकते हैं दृष्टिबाधित विद्यार्थी
पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस पर दिव्यांग छात्रों का सम्मान

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय�

वाराणसी। आंखों की रोशनी भले ही किसी कारण से छिन गई हो, लेकिन इससे सपनों की उड़ान नहीं रुकती। दृढ़ इच्छाशक्ति, शिक्षा और तकनीक का साथ मिले तो दृष्टिबाधित विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा के दम पर सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं। जरूरत केवल उन्हें अवसर, प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन देने की है। रविवार को दुर्गाकुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के सभागार में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने यह बात कही।

पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन उत्तर प्रदेश के 11वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित संगोष्ठी का विषय ?दिव्यांग छात्रों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की भूमिका? रहा। मुख्य अतिथि लोक निर्माण विभाग वाराणसी वृत्त के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर प्रवीण कुमार ने कहा कि नेत्रहीन छात्रों की क्षमताएं किसी भी मायने में कम नहीं हैं। अपनी अन्य इंद्रियों की क्षमता, मेहनत और तकनीकी दक्षता के बल पर वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे विद्यार्थियों के प्रति सोच बदलने की जरूरत है। यदि उन्हें पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें तो वे अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस आयुक्त गोमती जोन/क्राइम नृपेन्द्र ने कहा कि नेत्रहीन छात्रों को उनकी कमी के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी क्षमता के आधार पर देखना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे ये विद्यार्थी यह साबित कर रहे हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मजबूत इच्छाशक्ति से सफलता हासिल की जा सकती है।सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया, चंदौली की सहायक प्रोफेसर डा० प्रियंका पटेल ने कहा कि आंखों की रोशनी कम होने से सपनों की रोशनी कम नहीं होती। सीखने की ललक और निरंतर मेहनत के बल पर दृष्टिबाधित विद्यार्थी जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। शिक्षा उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी खोलती है।

कार्यक्रम में डा० चेतना और एकता मिश्रा ने भी विचार रखे। इसके बाद कक्षा एक से आठ तक अपनी-अपनी कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नेत्रहीन छात्रों को शील्ड और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं 80 दिव्यांग छात्रों को अंगवस्त्र और खाद्य किट वितरित की गई। सम्मान पाने वाले साहिल, सौरभ, अभिनव, प्रशांत, प्रिंस, कृष्णा, बजरंगी, निखिल, सागर, सत्यम और सुमन ने पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन के प्रति आभार जताया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए मोनिका सिंह ने कहा कि दृष्टिबाधित होना किसी की क्षमताओं की सीमा नहीं है। सही शिक्षा, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर ऐसे विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा सकते हैं।फाउंडेशन के प्रधानाचार्य विजय मिश्रा और प्रबंधक प्रशांत कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।�

इस दौरान भाजपा विधि प्रकोष्ठ चंदौली के जिला संयोजक अशोक कुमार द्विवेदी, पत्रकार अभिनव कुमार पांडेय, अभिजीत रॉय, नेहा रॉय, पूजा, अभय यादव, अमरदीप गुप्ता, पत्रकार कार्तिकेय पांडेय, मिथलेश कुमार, उमाशंकर मौर्या और मैनेजर नीरज दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।