BOP राघवपुरी में चेकिंग को लेकर ग्रामीणों की शिकायत, SSB अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

पीलीभीत जिले के हजारा थाना क्षेत्र अंतर्गत BOP राघवपुरी में चेकिंग को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने 22 सितंबर 2026 को SSB अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपकर चेकिंग की प्रक्रिया और उससे जुड़ी कथित परेशानियों की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने शिकायत पत्र में उठाए ये मुद्दे
शिकायत पत्रों में ग्रामीणों की ओर से कई बिंदु उठाए गए हैं?
🔹 गांव के अंदर चेकिंग का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि BOP राघवपुरी गांव के भीतर स्थित है और वहां लगातार चेकिंग किए जाने से ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
🔹 शिकायतकर्ताओं को चिन्हित करने का आरोप: कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले लोगों को BOP पर चिन्हित किया जा रहा है और उनके साथ कथित तौर पर अनावश्यक रूप से परेशान करने या भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
🔹 अन्य BOP को लेकर सवाल: शिकायतकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि सीमा के नजदीक स्थित अन्य BOP क्षेत्रों में इसी प्रकार की चेकिंग क्यों नहीं की जा रही है।
🔹 बस ट्रॉली के अतिक्रमण का मामला: एक शिकायत पत्र में तिराहे पर रखी बस ट्रॉली के कथित अतिक्रमण का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, शिकायत के बाद उक्त ट्रॉली को वहां से हटाया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने 49वीं वाहिनी SSB, ललौरीखेड़ा के कमांडेंट सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने BOP राघवपुरी क्षेत्र में गांव के भीतर की जा रही चेकिंग को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति के कारण ग्रामीणों में नाराजगी और तनाव की स्थिति बन रही है।
SSB का पक्ष अभी उपलब्ध नहीं
शिकायत पत्रों में लगाए गए आरोपों पर SSB अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। SSB अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।